Inkhabar Haryana, Farmer Protest: नूंह जिले के धीरधौका गांव में पिछले दस महीने से नौ गांवों के किसान अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं। किसानों की मुख्य मांगें जमीन अधिग्रहण से संबंधित हैं, जिसके तहत उन्होंने उचित मुआवजे, धोखे से लिखवाए गए एग्रीमेंट को रद्द करने और विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखी है।
3 घंटे तक चली मीटिंग
आज किसान नेता रवि आजाद के नेतृत्व में किसानों ने नूंह के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) से मुलाकात की। यह मीटिंग लगभग तीन घंटे तक चली, जिसमें एचएसआईआईडीसी के अधिकारी भी शामिल हुए। मीटिंग के बाद, रवि आजाद ने मीडिया से बातचीत करते हुए किसानों की प्रमुख मांगों को साझा किया। उन्होंने कहा कि किसानों को 25 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा ब्याज सहित दिया जाए और प्लॉट से जुड़े मुद्दों को सुलझाया जाए।
किसानों की मांगें और प्रशासन का रुख
किसानों ने प्रशासन से विकास से जुड़ी लगभग एक दर्जन मांगें रखी हैं। इनमें से सबसे प्रमुख मांग यह है कि धोखे से लिखवाए गए एग्रीमेंट को तुरंत रद्द किया जाए। इसके अलावा, किसानों ने कहा कि उनका मुआवजा और प्लॉट का मुद्दा लंबे समय से अटका हुआ है।
डीसी नूंह ने मीटिंग के दौरान आश्वासन दिया कि अगले 15 दिनों में एचएसआईआईडीसी के डायरेक्टर के साथ किसानों की मीटिंग कराई जाएगी। रवि आजाद ने कहा कि हम काफी समय से इस मामले को उच्च स्तर पर ले जाने की मांग कर रहे थे, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने हमारी बात नहीं सुनी। अब डीसी ने आश्वासन दिया है, जिससे हम संतुष्ट हैं।
किसानों की एकजुटता
इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, धरना जारी रहेगा। किसानों का यह आंदोलन शांतिपूर्ण है और उन्होंने प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद जताई है।