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Farmer Protest: शंभू बॉर्डर पर किसानों ने किया बड़ा एलान, 21 जनवरी को करेगें दिल्ली कूच

BY: • LAST UPDATED : January 16, 2025
Inkhabar Haryana, Farmer Protest: हरियाणा और पंजाब के शंभू बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपने आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है। किसान नेताओं ने 21 जनवरी को दिल्ली कूच का ऐलान किया है। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सरवण पंधेर ने कहा कि इस अभियान में 101 किसान हिस्सा लेंगे। उनका कहना है कि सरकार अभी तक किसानों की मांगों पर कोई बात करने को तैयार नहीं है, इसलिए आंदोलन को नई दिशा दी जाएगी।

MSP गारंटी कानून पर केंद्रित आंदोलन

किसानों की मुख्य मांग है कि केंद्र सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल खरीद की गारंटी का कानून बनाए। पंधेर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेतावनी देते हुए कहा कि उनके प्रधानमंत्री रहते ही यह कानून बनेगा। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगें केवल किसानों के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के हित में हैं।

दिल्ली कूच का इतिहास

यह पहला मौका नहीं है जब किसानों ने दिल्ली की ओर कूच का ऐलान किया है। इससे पहले दिसंबर 2024 में तीन बार (6 दिसंबर, 8 दिसंबर, और 14 दिसंबर) किसानों ने दिल्ली कूच की कोशिश की थी। लेकिन हरियाणा पुलिस ने उन्हें हर बार बैरिकेड लगाकर रोक दिया।

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खनौरी बॉर्डर पर जारी आमरण अनशन

किसानों का आंदोलन न केवल शंभू बॉर्डर तक सीमित है, बल्कि खनौरी बॉर्डर पर भी इसकी गूंज सुनाई दे रही है। किसान नेता जगजीत डल्लेवाल पिछले 52 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं, और उनकी हालत लगातार बिगड़ रही है। उनके समर्थन में 111 किसान भी अनशन पर हैं।

किसान नेता सरवण पंधेर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5 जनवरी 2022 को फिरोजपुर दौरे के दौरान हुई सुरक्षा चूक का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अब इस मामले में पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार के दबाव में आकर 25 किसानों को समन भेजा है। इसके साथ ही उन पर हत्या की कोशिश का मामला भी जोड़ा गया है।

सरकार की कार्रवाई पर विरोध

पंधेर ने कहा कि 2022 की घटना के समय किसानों का उद्देश्य प्रधानमंत्री को नुकसान पहुंचाना नहीं था। तब कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी ने भी स्पष्ट किया था कि रूट बदलने का निर्णय प्रशासन का था। इसके बावजूद तीन साल बाद किसानों के खिलाफ कार्रवाई करना निंदनीय है।

आंदोलन को और तेज करने की तैयारी

किसानों का कहना है कि अब आंदोलन को नई धार दी जाएगी। दिल्ली कूच के दौरान किसानों की कोशिश होगी कि उनकी मांगों पर सरकार का ध्यान केंद्रित किया जाए। उन्होंने यह भी साफ किया कि आंदोलन शांतिपूर्ण होगा।