




इस ट्रैक्टर मार्च का आयोजन पहले से ही सभी मुख्यालयों पर करने की घोषणा की गई थी। सोनीपत के किसानों ने इस घोषणा को गंभीरता से लेते हुए अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की। खरखोदा के किसान, एसडीएम के माध्यम से अपनी मांगों का ज्ञापन भी सौंपेंगे।
शंभू-खनौरी बॉर्डर पर 20 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में यह आंदोलन गति पकड़ रहा है। सोनीपत के किसानों का कहना है कि जैसे ही दिल्ली कूच का आदेश मिलेगा, वे तुरंत राजधानी की ओर रवाना होंगे।
ट्रैक्टर मार्च के बाद, किसान अब 18 दिसंबर को ‘रेल रोको आंदोलन’ चलाने की तैयारी कर रहे हैं। यह आंदोलन सरकार पर दबाव बनाने और अपनी मांगों को मजबूती से रखने के लिए एक और प्रयास है।
पिछले 10 महीनों से किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इनमें एमएसपी की गारंटी, किसानों की ऋण माफी और कृषि सुधार कानूनों के पूर्ण निष्पादन जैसी मांगें शामिल हैं। सोनीपत के किसानों का कहना है कि वे अपनी मांगें पूरी करवाने के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार हैं।
खरखोदा के किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ इस मार्च में शामिल हुए और मिनी सचिवालय तक अपनी मांगों को लेकर पहुंचे। उन्होंने एसडीएम के माध्यम से ज्ञापन भेजने का निर्णय लिया, जिसमें उनकी सभी प्रमुख मांगों का उल्लेख होगा।




