




किसानों का कहना है कि वे खुले आसमान के नीचे अपने आंदोलन को जारी रखना चाहते हैं। उनका उद्देश्य दुनिया को यह दिखाना है कि किसान किस प्रकार बिना किसी सहूलियत के अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। किसानों ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने का प्रयास किया है, ताकि उनके संघर्ष को पहचाना जा सके।
बता दें कि, पुलिस अधिकारियों ने किसानों को शांति और अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हरियाणा की सीमा में स्थायी टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर धारा 163 लागू की गई है, जो यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी व्यक्ति कानून को अपने हाथ में न ले।
किसानों का यह आंदोलन न केवल उनकी मांगों का प्रतीक है, बल्कि उनकी जिद और संघर्ष की कहानी भी बयां करता है। खुले आसमान के नीचे आंदोलन करना, न केवल उनके धैर्य और संकल्प को दिखाता है, बल्कि उनकी स्थिति की गंभीरता को भी रेखांकित करता है।




