




प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि 26 जनवरी को दोपहर 12 बजे से 1.30 बजे तक देशभर के किसान अपने ट्रैक्टरों को मॉल, साइलो, टोल प्लाजा, BJP के कार्यालयों के सामने या सड़क किनारे खड़ा करेंगे। स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, किसानों के स्थानीय नेता पांच बताई गई जगहों में से किसी एक स्थान पर डेढ़ घंटे तक हजारों ट्रैक्टर खड़े करेंगे। इस प्रदर्शन का उद्देश्य केंद्र सरकार पर दबाव बनाना है ताकि किसानों की मांगों को अनदेखा न किया जाए।
किसान नेताओं ने प्रेस वार्ता में सरकार को चेतावनी दी कि यदि किसान आंदोलन का समर्थन करने वाले किसी लोक-कलाकार पर रंजिशन कार्रवाई की गई, तो किसान उनके समर्थन में चट्टान की तरह खड़े होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोक-कलाकार, जो अपने कला के माध्यम से किसानों के मुद्दों को जनता तक पहुंचा रहे हैं, पर किसी प्रकार का दमनकारी कदम स्वीकार्य नहीं होगा।
नेताओं ने सभी किसानों से अपील की कि वे 26 जनवरी को अपने-अपने ट्रैक्टरों को सड़कों पर लाएं और प्रदर्शन में भाग लें। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल किसानों का नहीं, बल्कि देश के हर उस नागरिक का है, जो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने में विश्वास करता है।
इस प्रेस वार्ता ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि किसान आंदोलन अभी भी पूरी मजबूती के साथ खड़ा है। SKM और नॉन-SKM नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसानों के अधिकारों और न्याय के लिए है और वे इसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने देंगे।




