




किसान नेता जगजीत डल्लेवाल, जो अपनी बिगड़ती तबीयत के बावजूद आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं, के लिए मंच पर ही एक विशेष केबिन तैयार किया गया है। यह केबिन प्लास्टिक के कवर से ढका गया है ताकि मौसम की परिस्थितियों से उनकी सुरक्षा हो सके। डल्लेवाल इसी केबिन से किसानों को संबोधित करेंगे। यह कदम उनकी 39 दिनों से चल रही आमरण अनशन की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
बता देंं कि, महापंचायत के आयोजन स्थल पर सुबह से ही किसानों की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और देश के अन्य राज्यों से किसान नेता और संगठनों के प्रतिनिधि पहुंच रहे हैं। गैर-राजनीतिक मोर्चा, किसान मजदूर मोर्चा, और अन्य प्रमुख संगठनों की भागीदारी ने इस आयोजन को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है।
महापंचायत में पहुंचे किसानों ने पंजाब सरकार पर भी तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं और मांगों को लेकर उदासीन रही है। डल्लेवाल की बिगड़ती हालत को लेकर भी सरकार पर आरोप लगाए गए हैं।
अंबाला के शंभू बॉर्डर और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में किसानों ने खनौरी बॉर्डर की ओर कूच किया है। किसानों का कहना है कि यह महापंचायत एक निर्णायक मोड़ हो सकती है। आंदोलनकारी किसानों ने संकेत दिए हैं कि यहां कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।




