Inkhabar Haryana, Farmer Protest: किसान आंदोलन की सफलता के लिए एकजुटता की आवश्यकता पर जोर देते हुए खाप पंचायतों ने हरियाणा और पंजाब के किसान संगठनों को साथ आने का आग्रह किया है। खाप पंचायतों ने स्पष्ट किया है कि जब तक किसान संगठन एक मंच पर नहीं आते, तब तक वे किसी एक संगठन का समर्थन नहीं कर सकते। यह बयान उस समय आया जब आज खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता डल्लेवाल ने महापंचायत का आयोजन किया, जिसमें सभी संगठनों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की गई थी।
महापंचायत में खापों की गैरमौजूदगी
दादरी फौगाट खाप प्रधान ने कहा कि खाप पंचायतें किसी भी संगठन का पक्ष लेने से बचती हैं और सभी किसानों के साथ खड़ी होती हैं। लेकिन किसानों के बीच आपसी मतभेद और संगठनात्मक बिखराव के कारण वे महापंचायत में भाग नहीं ले सकीं। फौगाट खाप प्रधान ने मलाल जाहिर करते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि किसान संगठन अपने छोटे-छोटे मतभेद भुलाकर एकजुट हों। तभी आंदोलन को सही दिशा और ताकत मिलेगी।
डल्लेवाल के अनशन पर खापों की चिंता
फौगाट खाप प्रधान ने किसान नेता डल्लेवाल से अपील करते हुए कहा कि वे अपने आमरण अनशन को समाप्त करें और अपनी सेहत का ध्यान रखें। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि डल्लेवाल की मांगों को स्वीकार कर उनके अनशन को खत्म करवाया जाए। खाप प्रधान ने कहा कि सरकार अपने अड़ियल रवैए को छोड़कर किसानों की बात सुने। लेकिन आंदोलन के लिए जरूरी है कि किसान संगठन एक मंच पर आएं।
एकता की कमी से आंदोलन कमजोर
खाप पंचायतों का मानना है कि वर्तमान स्थिति में अलग-अलग किसान संगठनों द्वारा अलग-अलग आंदोलन करना न केवल आंदोलन को कमजोर कर रहा है, बल्कि सरकार को भी झुकने का मौका नहीं दे रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सभी संगठन एकजुट नहीं होते, तब तक खापें इस आंदोलन का समर्थन नहीं कर पाएंगी।
आगे का रास्ता
खाप पंचायतों ने किसानों से अपील की है कि वे संगठनात्मक मतभेदों को भुलाकर आंदोलन को मजबूत करने के लिए एकजुट हों। उनका मानना है कि जब किसान संगठनों में एकता होगी, तभी सरकार भी उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी।