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Farmer Protest: किसानों की आवाज़ को बल, खनौरी बॉर्डर पर डल्लेवाल के समर्थन में सांकेतिक अनशन

BY: • LAST UPDATED : December 20, 2024

Inkhabar Haryana, Farmer Protest: किसानों की न्यायोचित मांगों और MSP को लेकर चल रहे आंदोलन को अब व्यापक समर्थन मिल रहा है। खनौरी बॉर्डर पर पिछले 25 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की बिगड़ती सेहत ने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया है। उनके समर्थन में अब विभिन्न किसान संगठनों ने भी कदम बढ़ा दिए हैं।

चढूनी यूनियन का देशव्यापी सांकेतिक अनशन

भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में शुक्रवार को देशभर में सांकेतिक अनशन किया गया। अंबाला में भी यूनियन के 11 सदस्यों ने सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अनशन रखकर डल्लेवाल के प्रति समर्थन जताया। इस दौरान किसानों ने सरकार से उनकी मांगें मानने की अपील की और चेतावनी दी कि सरकार का अड़ियल रवैया किसानों के गुस्से को भड़काने का काम करेगा।

डल्लेवाल की बिगड़ती सेहत बनी चिंता का विषय

खनौरी बॉर्डर पर डटे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की खराब होती सेहत ने सुप्रीम कोर्ट से लेकर पूरे देश को सोचने पर मजबूर कर दिया है। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार की चुप्पी किसानों के धैर्य की परीक्षा ले रही है। अगर सरकार ने समय रहते उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।

मलकीत सिंह ने दी चेतावनी

अंबाला में अनशन का नेतृत्व कर रहे जिला प्रधान मलकीत सिंह ने कहा कि किसानों को 10 महीने से सरकार अनदेखा कर रही है। न तो उनकी मांगें सुनी जा रही हैं और न ही उन्हें दिल्ली जाने की अनुमति दी जा रही है। उन्होंने कहा, “सरकार को चाहिए कि वह अपनी आंखें खोले और किसानों की मांगों पर ध्यान दे। यदि सरकार ने जल्द कोई कदम नहीं उठाया, तो किसानों का सब्र का बांध टूट जाएगा, जो सैलाब की तरह बहकर आगे बढ़ेगा।”

एमएसपी सहित अन्य मांगें प्रमुख मुद्दा

किसानों की प्रमुख मांगों में एमएसपी की गारंटी, फसल बीमा योजना को दुरुस्त करना और किसान कर्ज माफी शामिल हैं। ये मांगें लंबे समय से सरकार और किसानों के बीच मतभेद का कारण बनी हुई हैं। डल्लेवाल के समर्थन में चढूनी यूनियन का यह सांकेतिक अनशन सरकार पर दबाव बढ़ाने का प्रयास है।