




Grain Markets: कुरुक्षेत्र की अनाज मंडियों में धान की खरीद और उठान की स्थिति अभी तक सामान्य नहीं हो पाई है। ज्यादातर मंडियां धान से भरी पड़ी हैं, जिससे किसानों को अपनी फसल रखने की जगह नहीं मिल रही है। किसान मजबूर होकर सड़कों और खुली जगहों पर धान रख रहे हैं। विशेष रूप से ब्रह्मसरोवर के चारों ओर अस्थायी मंडियों की वजह से परेशानी और बढ़ गई है। यहां की सड़कों पर ट्रैक्टर और ट्रक धान से भरे दौड़ते नजर आ रहे हैं, जिससे न केवल स्थानीय लोग बल्कि पर्यटक भी प्रभावित हो रहे हैं।
ब्रह्मसरोवर एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है, लेकिन वर्तमान स्थिति के कारण पर्यटकों को यहां आना कठिन हो गया है। चारों ओर फैली धूल और भीड़ के कारण पर्यटक अब इस स्थान से दूरी बनाने लगे हैं। वीवीआईपी घाट के चारों ओर भी धान फैला हुआ है, जिससे आम लोगों का यहां तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है।
केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल ने बताया कि हर सीजन में ब्रह्मसरोवर के पास अस्थायी मंडियां बन जाती हैं, जिससे इलाके में अव्यवस्था फैलती है और पर्यटकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पिछली बार भी प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन इस साल फिर वही स्थिति बन गई है।
धान की खरीद और उठान का आंकड़ा देखें तो अब तक 719508 एमटी धान की खरीद हो चुकी है। शनिवार को अकेले 58727 एमटी धान की खरीद हुई, जबकि कुल उठान 444359 एमटी यानी 64 फीसदी हुआ है। धान के लिए किसानों को 956.23 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। फिर भी मंडियों की अव्यवस्था के चलते किसानों और पर्यटकों दोनों को मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं।
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