




डल्लेवाल का स्वास्थ्य जांचने के लिए सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों की एक टीम खनौरी बॉर्डर पहुंची, लेकिन उनकी जांच किए बिना ही वापस लौट गई। इस पर किसान नेता काका कोटला ने सरकारी डॉक्टरों से सवाल किया और कहा कि पहले डॉक्टर चार दिनों की डिटेन रिपोर्ट पेश करें। उन्होंने पंजाब पुलिस पर आरोप लगाया कि वे डल्लेवाल को दोबारा हिरासत में लेने की योजना बना रहे हैं।
गौरतलब है कि पंजाब पुलिस ने चार दिन पहले जगजीत सिंह डल्लेवाल को डिटेन किया था, जिसके बाद से उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही है। काका कोटला ने कहा कि किसान ऐसी अफवाहें सुनकर चिंतित हैं और सरकारी डॉक्टरों के बिना जांच किए लौटने से उनकी चिंताएं और बढ़ गई हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, डल्लेवाल की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि उनकी किडनी कभी भी फेल हो सकती है। उनका वजन तेजी से घट रहा है, और उनका शरीर अब अनशन का दबाव सहने में सक्षम नहीं है।
इस मामले पर किसान नेता कल दोपहर 3 बजे खनौरी बॉर्डर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इस प्रेस वार्ता को स्वयं जगजीत सिंह डल्लेवाल संबोधित करेंगे। हालांकि उनकी तबीयत इतनी खराब है कि उनके समर्थकों और डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है।
किसानों ने दावा किया है कि वे बड़ा ऐलान करेंगे, जो इस आंदोलन को नई दिशा दे सकता है। डल्लेवाल के समर्थन में किसानों का कहना है कि सरकार और प्रशासन उनकी मांगों को लेकर उदासीन हैं, और अगर उनके स्वास्थ्य को लेकर कोई अनहोनी हुई, तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।




