




केंद्र सरकार ने किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें से पाँच मुख्य योजनाएं निम्नलिखित हैं
2019 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य किसानों की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करना है। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना 6000/- रुपए की वित्तीय सहायता 3 बराबर किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। यह योजना छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास करती है।
यह योजना मधुमक्खी पालन और “मीठी क्रांति” को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है। इसके तहत वैज्ञानिक तरीकों से मधुमक्खी पालन का प्रचार-प्रसार किया जाता है। इससे न केवल मधुमक्खी पालकों की आय बढ़ती है बल्कि कृषि उत्पादकता में भी सुधार होता है।
यह योजना कमजोर किसान परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। 18 से 40 वर्ष के किसान इस योजना में शामिल होकर 55 से 200 रुपये मासिक योगदान कर सकते हैं। 60 वर्ष की आयु के बाद उन्हें हर महीने ₹3000 की पेंशन दी जाती है। यह योजना किसानों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
हाल ही में शुरू की गई इस योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को ड्रोन उपलब्ध कराए जाते हैं। इसका उद्देश्य गांवों की महिलाओं को तकनीकी सशक्तिकरण और आर्थिक मजबूती प्रदान करना है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर खोलती है।
इस योजना का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और अन्य कारणों से फसलों के नुकसान से बचाना है। इसमें किसानों को बुवाई से लेकर कटाई तक फसल बीमा की सुविधा दी जाती है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान की भरपाई में मदद मिलती है और कृषि क्षेत्र में स्थिरता आती है।




