




Inkhabar Haryana, Wheat Production in Record in India: भारत के अन्न भंडार इस वर्ष गेहूं की ऐतिहासिक पैदावार से भर गए हैं। पूरे देश में इस बार गेहूं उत्पादन ने नया रिकॉर्ड स्थापित किया है, जो न केवल लक्ष्य से अधिक रहा, बल्कि पिछले सभी वर्षों के आंकड़ों को भी पीछे छोड़ गया। इसका श्रेय किसानों की अथक मेहनत, प्रकृति के अनुकूल मौसम और वैज्ञानिकों द्वारा विकसित उन्नत किस्मों को दिया जा रहा है।
भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल के निदेशक डॉ. रतन तिवारी के अनुसार, भारत सरकार ने वर्ष 2025 के लिए गेहूं उत्पादन का लक्ष्य 115.4 मिलियन टन रखा था। लेकिन असल में 117.5 मिलियन टन गेहूं का उत्पादन हुआ, जो लक्ष्य से 2.1 मिलियन टन अधिक है। पिछले वर्ष (2024) की तुलना करें तो उस समय कुल 113.29 मिलियन टन उत्पादन हुआ था। इस बार 4.21 मिलियन टन की वृद्धि दर्ज की गई है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
डॉ. तिवारी बताते हैं कि इस बार मौसम पूरी तरह से किसानों के पक्ष में रहा। पूरे सीजन में न तो किसी गंभीर बीमारी ने फसल को प्रभावित किया और न ही कोई बड़ा प्राकृतिक संकट आया। इसके साथ ही, करनाल स्थित संस्थान द्वारा विकसित की गई जलवायु-अनुकूल गेहूं की नई किस्मों ने इस बार भी शानदार प्रदर्शन किया। इन किस्मों ने न केवल उत्पादन बढ़ाया बल्कि गुणवत्ता में भी सुधार किया। इससे किसानों को बाजार में भी बेहतर मूल्य मिला।
हरियाणा से लेकर पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान तक किसानों ने इस बार फसल की देखभाल में कोई कसर नहीं छोड़ी। समुचित सिंचाई, समय पर खाद और रोग नियंत्रण के प्रयासों ने इस उपलब्धि में निर्णायक भूमिका निभाई। बंपर पैदावार से न केवल सरकारी खरीद लक्ष्य पूरे हुए बल्कि निजी खरीददारों ने भी अपना टारगेट समय से पहले पूरा कर लिया। कई किसानों ने अपने उपयोग के लिए भी गेहूं का पर्याप्त स्टॉक रख छोड़ा है।




