Inkhabar Haryana, Budget 2025: 1 फरवरी को देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट पेश करेंगी। इस बार बजट को लेकर आम जनता, व्यापारी वर्ग और विशेषज्ञों के बीच बड़ी उम्मीदें हैं। जहां इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के क्षेत्र से जुड़े लोग GST में कटौती की मांग कर रहे हैं, वहीं हेल्थ सेक्टर से जुड़े लोग फंड बढ़ाने और योजनाओं में सुधार की उम्मीद कर रहे हैं।
इलेक्ट्रॉनिक सामान पर GST में कटौती की मांग
आज के समय में फ्रिज, वाशिंग मशीन, टीवी, एसी और मोबाइल जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान हर घर की आवश्यकता बन चुके हैं। लेकिन इन पर 18% जीएसटी आम आदमी की पहुंच को कठिन बना रही है। व्यापारियों का कहना है कि अगर सरकार इन वस्तुओं पर जीएसटी को घटाकर 9% या 12% के स्लैब में लाए, तो ये उत्पाद ज्यादा किफायती हो जाएंगे और हर गरीब परिवार तक पहुंच सकेंगे।
गर्मियों में 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने वाले तापमान को देखते हुए, एसी भी अब हर परिवार के लिए जरूरत बन चुका है। इस पर 28% जीएसटी लागू है, जिसे व्यापारियों ने 18% करने की मांग की है।
हेल्थ सेक्टर को बढ़ा बजट मिलने की उम्मीद
हेल्थ सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों और डॉक्टरों का कहना है कि पिछली बार सरकार ने इस क्षेत्र को कुल बजट का केवल 1.8% फंड आवंटित किया था, जो देश की 140 करोड़ की आबादी के लिए काफी कम है। इस बार उन्हें उम्मीद है कि हेल्थ सेक्टर को 2.8% फंड दिया जाएगा। यदि ऐसा हुआ, तो सालाना प्रति व्यक्ति 1000/- की राशि स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च की जा सकेगी।
अस्पतालों को मिलने वाले पैसों की दर केंद्र सरकार को तय करनी चाहिए
केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना भी हेल्थ सेक्टर में सुधार का एक बड़ा कदम है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पतालों को मिलने वाले पैसों की दर केंद्र सरकार को तय करनी चाहिए। राज्यों में अलग-अलग दरों के कारण योजना को सफल बनाने में दिक्कतें आ रही हैं।
डॉक्टरों ने यह भी सुझाव दिया है कि सरकार को दूसरे देशों से इंपोर्ट की जाने वाली दवाइयों और मेडिकल उपकरणों पर लगने वाले GST में भी कटौती करनी चाहिए। इससे महंगी दवाइयां और मेडिकल उपकरण मरीजों तक किफायती कीमतों पर पहुंच सकेंगे।