Inkhabar Haryana, Faridabad News: डीसी विक्रम यादव ने फरीदाबाद में जमीन खरीदने और बेचने वालों के लिए बड़ी खबर दी है। जिले में कलेक्टर रेट में 10 से 20% तक की औसत बढ़ोतरी की गई है, जिससे जमीन के लेन-देन पर लागत बढ़ गई है। यह नई दरें आज से लागू हो गई हैं और इन्हीं दरों पर रजिस्ट्रियां शुरू की गई हैं। कुछ क्षेत्रों में तो कलेक्टर रेट में 40% तक का इजाफा दर्ज किया गया है।
कलेक्टर रेट में क्यों हुआ बदलाव?
फरीदाबाद के उपायुक्त विक्रम यादव ने बताया कि कलेक्टर रेट बढ़ाने का निर्णय बाजार दरों और सर्किल रेट के बीच के अंतर को पाटने के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर मार्केट रेट और सर्किल रेट में बड़ा फासला था, जिसे कम करने की आवश्यकता महसूस की गई। व्यवसायिक, आवासीय और कृषि भूमि के कलेक्टर रेट में यह बदलाव किया गया है।
क्या होगा असर?
कलेक्टर रेट में इस बढ़ोतरी से जमीन खरीदने और बेचने में अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी। डीसी विक्रम यादव का कहना है कि कलेक्टर रेट बढ़ने से सरकार को अधिक राजस्व मिलेगा। इसके अलावा, पारदर्शिता भी बढ़ेगी और बाजार में जमीन के लेन-देन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश उपलब्ध होंगे।
40% तक की वृद्धि भी हुई
हालांकि औसतन 10 से 20% की वृद्धि की गई है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में यह बढ़ोतरी 40% तक भी हुई है। इससे प्रभावित क्षेत्रों में जमीन के दामों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
सरकार के राजस्व में इजाफा
डीसी का कहना है कि कलेक्टर रेट बढ़ने से हरियाणा सरकार का राजस्व बढ़ेगा, क्योंकि रजिस्ट्रेशन शुल्क और स्टांप ड्यूटी अधिक होगी। इससे विकास कार्यों के लिए अधिक फंड उपलब्ध हो सकेगा।
फरीदाबाद में कलेक्टर रेट में इस बढ़ोतरी से जमीन खरीदने और बेचने की प्रक्रिया में बड़े बदलाव आएंगे। हालांकि इससे नागरिकों को जमीन खरीदने में अतिरिक्त लागत चुकानी पड़ेगी, लेकिन सरकार इसे बाजार दरों के अनुरूप एक संतुलित कदम मान रही है।