Inkhabar Haryana, Kiran Chaudhary: राज्यसभा सांसद किरण चौधरी ने संसद के पटल पर एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री से यह जानना चाहा कि सरकार आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) और ब्लॉकचेन जैसी उभरती हुई प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के लिए क्या कदम उठा रही है। इसके साथ ही उन्होंने आईटी और तकनीकी क्षेत्र के स्टार्टअप्स के लिए विशेष प्रोत्साहन और हरियाणा के संदर्भ में विशिष्ट योजनाओं के बारे में जानकारी मांगी।
इन सवालों का जवाब देते हुए इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने सरकार की व्यापक कार्यनीतियों और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। आइए, विस्तार से जानते हैं कि भारत सरकार उभरती प्रौद्योगिकियों और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए क्या प्रयास कर रही है।
AI के क्षेत्र में सरकार की रणनीति
एआई को एक उभरती हुई क्रांतिकारी प्रौद्योगिकी के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का उद्देश्य एआई का उपयोग करके समाज के सभी क्षेत्रों को लाभान्वित करना है। इसके लिए प्रमुख कदम उठाए गए हैं:
- इंडिया एआई मिशन: अक्टूबर 2023 में, 7 विशेषज्ञ समूहों द्वारा “इंडिया एआई” की पहली रिपोर्ट प्रकाशित की गई। इस रिपोर्ट में भारत के एआई मिशन के आधारभूत स्तंभों और उनके संचालन संबंधी पहलुओं का विस्तृत विवरण दिया गया। 7 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कैबिनेट ने इंडिया एआई मिशन को मंजूरी दी। यह मिशन देश में एक समावेशी और मजबूत एआई पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर केंद्रित है।
- नीति आयोग की भूमिका: नीति आयोग ने 2018 में राष्ट्रीय एआई रणनीति (एनएसएआई) जारी की थी। यह रणनीति एआई के उपयोग के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा देने और देश को एक वैश्विक एआई केंद्र के रूप में स्थापित करने पर केंद्रित है।
- इंडिया एआई इंफ्रास्ट्रक्चर: सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत एआई से संबंधित कौशल और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह कदम भारत के तकनीकी प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए उठाया गया है।
ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी के लिए उठाए गए कदम
ब्लॉकचेन, जो कि भविष्य की वित्तीय और तकनीकी संरचना को परिभाषित करने वाली प्रमुख प्रौद्योगिकी है, पर भी सरकार ने कई योजनाएं लागू की हैं:
- राष्ट्रीय ब्लॉकचेन रणनीति (2021): इस रणनीति का उद्देश्य अनुसंधान, विकास और तकनीकी कार्यबल में ब्लॉकचेन प्रतिभा को विकसित करना है।
- ब्लॉकचेन उत्कृष्टता केंद्र: देशभर के आईआईटी जैसे शीर्ष संस्थानों में ब्लॉकचेन पर विशेषज्ञता विकसित करने के लिए केंद्र स्थापित किए गए हैं।
आईआईटी कानपुर और आईआईटी भिलाई विशेष रूप से ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचार और शोध पर कार्यरत हैं।
स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन योजनाएं
भारत सरकार उभरती प्रौद्योगिकियों पर काम करने वाले स्टार्टअप्स के लिए कई योजनाओं और कार्यक्रमों के जरिए उन्हें आर्थिक और तकनीकी सहायता प्रदान कर रही है:
- सामरिद्ध (SAMRIDH) कार्यक्रम- अगस्त 2021 में शुरू हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य देशभर के 300 स्टार्टअप्स को फंडिंग और मेंटरशिप प्रदान करना है। अब तक, 22 एक्सेलेरेटर के माध्यम से 175 स्टार्टअप्स को लाभान्वित किया गया है।
- जेनेसिस योजना- यह योजना टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए शुरू की गई है। 490 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ 1,600 प्रौद्योगिकी स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने की परिकल्पना की गई है।
- चिप्स टू स्टार्टअप (C2S) कार्यक्रम- इस कार्यक्रम का उद्देश्य सेमीकंडक्टर उद्योग में नवाचार को बढ़ावा देना है। स्टार्टअप्स को फंडिंग, तकनीकी संसाधन और मेंटरशिप प्रदान की जाती है।
CoE के माध्यम से क्षेत्रीय विकास
गेमिंग और एआई पर CoE: हैदराबाद में इमेज उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया गया है, जो गेमिंग, वीएफएक्स और एआई पर केंद्रित है।
वर्चुअल और ऑगमेंटेड रियलिटी पर CoE: ओडिशा के भुवनेश्वर में वर्चुअल और ऑगमेंटेड रियलिटी पर वीएआरसीओई उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया गया है। यह विश्व स्तरीय अनुसंधान और परीक्षण सुविधाओं के लिए समर्पित है।
Kumari Selja: घग्घर नदी के करीब रहने वाले लोगों कैंसर का अधिक खतरा- कुमारी सैलजा