Inkhabar Haryana, Shamsher Singh Gogi on Iran Israel war impact on India: पश्चिम एशिया में छिड़े ईरान-इजराइल युद्ध की लपटें अब धीरे-धीरे वैश्विक अर्थव्यवस्था को झुलसाने लगी हैं। भारत जैसे तेल आयातक देश में इस संघर्ष का प्रत्यक्ष असर दिखने की आशंका जताई जा रही है। इस मुद्दे पर भारतीय पेट्रोलियम डीलरों का संघ के पूर्व अध्यक्ष और कांग्रेस नेता शमशेर सिंह गोगी ने करनाल में प्रतिक्रिया दी और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
तेल आपूर्ति पर संकट- गोगी
शमशेर सिंह गोगी ने कहा कि यह युद्ध दुर्भाग्यपूर्ण है और इसका प्रभाव भारत की अर्थव्यवस्था पर सीधे तौर पर पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर ईरान और इजराइल के बीच बमबारी लगातार चलती रही, तो भारत तक तेल कैसे पहुंचेगा? हम तो वहां से माल मंगवा रहे हैं। गोगी का मानना है कि यदि युद्ध लंबा खिंचता है, तो तेल आपूर्ति श्रृंखला में भारी बाधा उत्पन्न होगी, जिससे पेट्रोल और डीजल के दामों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हो सकती है।
60-70 प्रतिशत तेल आता है अरब देशों से
गोगी ने आंकड़ों के हवाले से बताया कि भारत का 60 से 70 प्रतिशत कच्चा तेल ईरान, इराक और अन्य अरब देशों से आता है। यदि इन देशों में अस्थिरता बढ़ती है, तो भारतीय उपभोक्ता को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि अगर वहां कुछ अनहोनी या दुर्घटना हो गई, तो इसका सीधा बोझ आम जनता पर पड़ेगा।
सरकार के रुख पर उठाए सवाल
शमशेर सिंह गोगी ने केंद्र सरकार की विदेश नीति और रणनीतिक दिशा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार का रुख इजरायल की तरफ नजर आ रहा है, लेकिन वहां से भारत को तेल की भरपाई नहीं हो पाएगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि सरकार समय रहते सही रणनीति नहीं बनाती, तो भारत को ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ सकता है।