Inkhabar Haryana, Union Budget 2025: भारत की अर्थव्यवस्था इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रही है, जिनमें शहरी खपत में कमी, बढ़ती मुद्रास्फीति, बेरोजगारी, और उभरती प्रौद्योगिकियों में वैश्विक प्रतिस्पर्धा शामिल हैं। इसकी औपचारिक शुरुआत संसद में 31 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के दोनों सदनों में संबोधन के बाद हो जाएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2025 को अपना आठवां केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं, जिससे देश के विभिन्न वर्गों को बड़ी उम्मीदें हैं।
Budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का 8वां बजट, इस दिन करेंगीं पेश, जानें क्या और क्यों हैं खास
शहरी मध्यम वर्ग और कर राहत की आवश्यकता
इस बजट से सबसे अधिक आशाएं शहरी मध्यम वर्ग को कर राहत दिए जाने को लेकर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि उपभोग मांग को पुनर्जीवित करने के लिए आयकर कटौती आवश्यक होगी, जिससे बाजार में नकदी प्रवाह बढ़े और आर्थिक गतिविधियों को गति मिले। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंथा नागेश्वरन और उनकी टीम द्वारा तैयार किया गया आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 संसद में पेश होने वाला है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि सरकार की नीतियां किस दिशा में जा सकती हैं।
भारतीय अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा उपभोग आधारित है और इसमें शहरी मध्यम वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हालांकि, हाल के वर्षों में उच्च मुद्रास्फीति और आयकर दरों के कारण इस वर्ग की क्रय शक्ति प्रभावित हुई है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यदि सरकार इस बजट में कर में कुछ कटौती करती है, तो इससे खपत में वृद्धि होगी, जिससे अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
बजट से क्या उम्मीदें?
- आयकर कटौती – मध्यम वर्ग की खरीद क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार कर राहत की घोषणा कर सकती है।
- बुनियादी ढांचा निवेश – सड़कों, रेलवे, और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से रोजगार सृजन होगा।
- MSME और स्टार्टअप को बढ़ावा – छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप के लिए नए प्रोत्साहन योजनाएं आ सकती हैं।
- कृषि सुधार – किसानों की आय बढ़ाने के लिए नई नीतियां लाई जा सकती हैं।
- तकनीकी और नवाचार क्षेत्र में निवेश – AI, मशीन लर्निंग, और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की संभावना है।
Budget 2025: GST घटेगा तो बढ़ेगी राहत, बजट 2025 से इलेक्ट्रॉनिक्स और हेल्थ सेक्टर को राहत की उम्मीद