




जानकारी के मुताबिक, जोमैटो के शेयरों में इस गिरावट की प्रमुख वजह कंपनी के हालिया तिमाही नतीजों को माना जा रहा है। सोमवार को जारी हुए अक्टूबर-दिसंबर 2024 के वित्तीय परिणामों ने निवेशकों को निराश कर दिया। तिमाही में कंपनी का मुनाफा पिछली तिमाही के मुकाबले 57% घटकर सिर्फ 59 करोड़ रह गया, जो कंपनी के बढ़ते खर्चों का नतीजा है। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 64% बढ़ा, लेकिन यह मुनाफे में गिरावट की भरपाई करने में असफल रहा।
जोमैटो के Blinkit क्विक कॉमर्स बिजनेस को भी तीसरी तिमाही में ₹103 करोड़ का भारी नुकसान हुआ, जिसने निवेशकों की चिंताओं को और बढ़ा दिया। कंपनी के बढ़ते खर्चों और कमजोर मुनाफे का सीधा असर बाजार में इसके शेयर पर पड़ा और यह गिरावट लगातार दूसरे दिन जारी रही।
जोमैटो का शेयर मंगलवार को 223 रुपए के स्तर पर खुला और बाजार के पहले घंटे में ही यह 12% फिसलकर 207 रुपए पर पहुंच गया। सोमवार को यह 247 रुपए के स्तर पर बंद हुआ था, जिससे अब तक इसमें 40 रुपए की गिरावट दर्ज की गई है।
गौरतलब है कि जोमैटो का 52-हफ्ते का उच्चतम स्तर 304.70 रुपए और न्यूनतम स्तर 127 रुपए है। पिछले एक महीने में इस शेयर ने करीब 21% का नुकसान झेला है। हालांकि, पिछले एक साल में यह स्टॉक 68.52% का रिटर्न दे चुका है, लेकिन हालिया गिरावट ने निवेशकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है।
23 दिसंबर 2024 को जोमैटो को बीएसई सेंसेक्स इंडेक्स में शामिल किया गया था। इसके बाद से ही कंपनी के शेयरों में गिरावट का रुख देखा गया है। मंगलवार तक, जोमैटो का मार्केट कैप घटकर ₹1.88 लाख करोड़ रह गया।
जोमैटो के शेयरों में आई इस तेज गिरावट से यह स्पष्ट है कि कंपनी के बढ़ते खर्च और कमजोर मुनाफा निवेशकों को रास नहीं आ रहे हैं। हालांकि, जोमैटो का राजस्व तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसकी लागतें मुनाफे को खा रही हैं। ऐसे में, निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और कंपनी के अगले कदमों पर नजर रखनी चाहिए।




