




भिवानी पुलिस को इस ठगी का पता तब चला, जब एक व्यक्ति ने साइबर पुलिस को शिकायत दी कि उसके साथ ठगी हुई है। पुलिस जांच में पता चला कि लोग निजी बैंकों में खाता खुलवाने के लिए एजेंटों के पास जाते थे, जो उन्हें खाता खुलवाने के लिए राजी करते थे। लेकिन इन खाताधारकों को यह नहीं पता था कि उनके अकांउट का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
पुलिस जांच में यह भी पता चला कि एजेंटों ने मेवात क्षेत्र में लोगों के बैंक खातों के साथ-साथ ATM भी बेचे थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधों में किया जाता था। DSP अनूप कुमार ने बताया कि आरोपियों ने देश के अलग-अलग राज्यों में 58 लाख रुपये की ठगी की है।
भिवानी पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज करते हुए बंधन बैंक के एक कर्मचारी और दो निजी बैंकों के एजेंटों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनसे गहन पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि इस पूरे गिरोह के अन्य सदस्यों का भी पता लगाया जा सके। डीएसपी अनूप कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं, जो आने वाले समय में और भी साइबर अपराधों का पर्दाफाश करने में मददगार साबित हो सकती हैं।
डीएसपी अनूप कुमार ने लोगों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता खुलवाते समय सावधानी बरतें और कभी भी किसी अजनबी या एजेंट से खाता न खुलवाएं। उन्होंने कहा कि हमने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है और भविष्य में इस तरह के धोखाधड़ी के मामलों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।




