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Bhiwani Cyber Fraud: हरियाणा में ऑनलाइन सीमेंट डिलीवरी के नाम पर ठगे लाखों रुपए, जाने किस तरह लोगों को करते थे टारगेट

BY: • LAST UPDATED : May 6, 2025
Inkhabar Haryana, Bhiwani Cyber Fraud: साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच भिवानी साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। ऑनलाइन सीमेंट डिलीवरी के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले गिरोह के तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी ने वेबसाइट पर फर्जी विज्ञापन डालकर लोगों को सस्ता सीमेंट देने का झांसा दिया और बड़ी रकम की ठगी को अंजाम दिया।

क्या हैं पूरा मामला?

इस मामले की शुरुआत तब हुई जब हिसार निवासी विनीत नामक व्यक्ति ने भिवानी साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। विनीत ने पुलिस को बताया कि उसकी यूनिवर्सिटी में निर्माण कार्य चल रहा था, जिसके लिए उसे बड़ी मात्रा में सीमेंट की आवश्यकता थी। सीमेंट की खरीद के लिए उसने एक ऑनलाइन वेबसाइट पर सर्च किया, जहां उसे एक मोबाइल नंबर मिला।

फोन पर संपर्क करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को सीमेंट कंपनी का कर्मचारी बताया और भरोसे में लेते हुए बताया कि कंपनी से सीधा माल सस्ते दामों पर मिल सकता है। शर्त यह थी कि एक बार में 2000 बैग लेने होंगे, जिसकी कुल कीमत 5 लाख 60 हजार रुपए बताई गई। विनीत ने आरोपी के कहे अनुसार बैंक ऑफ महाराष्ट्र के खाते में पूरी रकम ट्रांसफर कर दी। लेकिन पैसे मिलते ही आरोपी ने मोबाइल फोन बंद कर दिए और संपर्क पूरी तरह से तोड़ दिया।

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पुलिस जांच और गिरफ्तारी की कार्रवाई

विनीत की शिकायत पर भिवानी साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण और बैंक खातों की निगरानी के आधार पर पुलिस ने बिहार के नवादा जिले के मरारा गांव निवासी अभिषेक को गिरफ्तार किया। अभिषेक इस गिरोह का अहम सदस्य बताया जा रहा है। थाना साइबर क्राइम भिवानी के सहायक उप निरीक्षक विजय कुमार ने बताया कि आरोपी अभिषेक ने पूछताछ में कबूला है कि उसने ही फर्जी वेबसाइट पर सीमेंट डिलीवरी का विज्ञापन डाला था। इसके अलावा वह ऑनलाइन इन्वॉयस तैयार करता था और धोखाधड़ी के लिए सिम कार्ड व बैंक खाते भी उपलब्ध कराता था।

पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां

इस ठगी के मामले में पुलिस अब तक दो अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अभिषेक की गिरफ्तारी के साथ यह संख्या तीन हो चुकी है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है, ताकि पूछताछ के जरिए अन्य फरार आरोपियों तक भी पहुंचा जा सके। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह योजनाबद्ध तरीके से लोगों को ठगने के लिए डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर रहा था। अब इस मामले में अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है।