




हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा रेनू भाटिया ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित परिवार और कॉलेज का दौरा किया। उन्होंने कॉलेज के स्टाफ से पूछताछ की और मृतका के परिवार से अलग-अलग बातचीत कर सभी पहलुओं की जानकारी ली।
रेनू भाटिया ने कहा कि यह घटना अत्यधिक दुखद है। छात्रा पढ़ाई में होशियार और परिवार का सहारा बनने की इच्छुक थी। आयोग मामले के सभी तथ्यों को एकत्र कर रहा है। पुलिस को छात्रा की डायरी, कॉल डिटेल्स और एक साल की चैट्स की जांच के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, कॉलेज की सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जाएगी ताकि आरोपी युवक की भूमिका स्पष्ट हो सके। उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा, और सच्चाई सबके सामने लाई जाएगी।
हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. रविंद्र बलियाला ने भी गांव फरटिया भीमा का दौरा किया और छात्रा के परिवार व कॉलेज प्रशासन से बातचीत की। उन्होंने कहा कि इस मामले में एससी/एसटी एक्ट के तहत परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
डॉ. बलियाला ने मौके पर ही पीड़ित परिवार के बैंक खाते में एक लाख रुपये की राशि जमा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “चालान पेश होने पर दो लाख रुपये और मामले के निर्णय होने पर एक लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। आयोग इस मामले की गहराई से जांच करेगा, और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
दोनों आयोगों ने पुलिस को निर्देशित किया है कि छात्रा की डायरी, कॉल रिकॉर्ड और चैट्स की गहराई से जांच की जाए। इसके साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कॉलेज प्राचार्य और स्टाफ पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं। महिला आयोग ने बताया कि मृतका की मां और दादी से अलग बातचीत कर अतिरिक्त जानकारी जुटाई गई है।




