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Bhiwani Dalit Girl Suicide Case: लोहारू छात्रा आत्महत्या मामला, कांग्रेस विधायक राजबीर फरटिया ने की CBI जांच की मांग

BY: • LAST UPDATED : January 4, 2025
Inkhabar Haryana, Bhiwani Dalit Girl Suicide Case: लोहारू में अनुसूचित जाति वर्ग की एक छात्रा द्वारा आत्महत्या के मामले ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस संवेदनशील मुद्दे पर विपक्षी पार्टियों द्वारा घेरे गए लोहारू से कांग्रेस विधायक राजबीर फरटिया ने पहली बार मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई या उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की गई है।

सीबीआई जांच की मांग

विधायक राजबीर फरटिया ने कहा कि यह मामला अत्यधिक गंभीर है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए इसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) या हाईकोर्ट के सिटिंग जज को सौंपा जाना चाहिए। फरटिया ने यह भी अपील की कि इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों को राजनीति करने से बचना चाहिए और इसे मानवता और न्याय के दृष्टिकोण से देखना चाहिए।

फीस नहीं, अन्य कारण हैं आत्महत्या के पीछे: विधायक

विधायक ने दावा किया कि छात्रा की आत्महत्या का कारण कॉलेज फीस का मामला नहीं है, जैसा कि कुछ लोगों द्वारा बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रा ने सितंबर 2022 में कॉलेज में दाखिला लिया था और उस समय परिवार ने 11,000 रुपये फीस जमा की थी। कॉलेज प्रशासन ने रिकॉर्ड में यह दर्ज किया था कि आगे की फीस माफ कर दी गई है। ऐसे में आत्महत्या के पीछे फीस न चुकाने का कारण होना संभव नहीं है।

फरटियाने घटना की तह तक पहुंचने के लिए छात्रा और कॉलेज से जुड़े राहुल नामक व्यक्ति के मोबाइल की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे सच्चाई सामने आएगी और स्पष्ट होगा कि छात्रा किन परिस्थितियों में आत्महत्या करने पर मजबूर हुई।

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राजनीतिक बयानबाजी पर नाराजगी

राजबीर फरटिया ने इस मामले को लेकर अपनी ही पार्टी के नेताओं द्वारा सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि कुमारी शैलजा और रणदीप सुरजेवाला जैसे बड़े नेता बिना तथ्यों की पुष्टि किए बयान दे रहे हैं, जो गलत है। फरटिया ने कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले पर टिप्पणी करने से पहले सभी तथ्यों की जानकारी होनी चाहिए ताकि भ्रम की स्थिति न बने।

महिला आयोग की सुनवाई में रखा पक्ष

फरटिया ने बताया कि उन्हें पहली बार महिला आयोग की चेयरपर्सन ने इस मामले में अपना पक्ष रखने का मौका दिया। उन्होंने कहा कि अब तक किसी जांच एजेंसी ने उन्हें नहीं बुलाया था, लेकिन महिला आयोग के बुलावे पर उन्होंने अपने विचार और तथ्य आयोग के सामने रखे।
विधायक ने कहा कि इस दुखद घटना में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस मामले में राजनीतिक स्वार्थ के लिए उनका नाम घसीटा जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।