सुबह खेतों में मिला शव
गांववालों ने सबसे पहले खेतों में शव देखकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि मृतका स्थानीय प्राइवेट स्कूल में अध्यापिका थी और दो दिन से लापता थी। मनीषा के गुम होने की रिपोर्ट 11 अगस्त को ही दर्ज कराई गई थी।
परिजनों का गुस्सा और सड़क जाम
शव मिलने की खबर जैसे ही मनीषा के घर पहुंची, परिजन रो-रोकर बेहाल हो गए। उनका गुस्सा इस कदर बढ़ा कि वे गांववालों के साथ दिल्ली-जयपुर रोड पर उतर आए और शव रखकर जाम लगा दिया। परिजनों ने सीधे तौर पर स्कूल संचालक पर शक जताया और पुलिस से पूछताछ की मांग उठाई। ग्रामीणों का जाम करीब चार घंटे तक जारी रहा।
प्रशासन की दखल से खुला जाम
स्थिति को संभालने के लिए मौके पर लोहारू एसडीएम मनोज दलाल और डीएसपी दलीप सिंह पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को आश्वासन दिया कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और न्याय दिलाया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त किया।
परिजनों के गंभीर आरोप
मृतका के पिता संजय ने बताया कि वे दो दिन से बेटी को तलाश रहे थे। इस दौरान जब उन्होंने स्कूल संचालक और स्टाफ से जानकारी लेनी चाही, तो किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। उनका आरोप है कि स्कूल के कुछ कर्मचारी नशे में धुत्त थे और सही जानकारी नहीं दे रहे थे।
पुलिस की जांच शुरू