




गिरोह द्वारा बनाए गए ऑनलाइन लिंक के जरिए लोगों को महंगे डिजाइनर सूट बेहद सस्ते दामों पर खरीदने का लालच दिया जाता था। ग्राहक जब पैसे देकर कोरियर मंगवाते, तो उन्हें खाली पैकेज मिलता। शिकायत करने पर गिरोह के सदस्य पैसे रिफंड करने का झांसा देते और अतिरिक्त अमाउंट जमा कराने की मांग करते।
एक महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि इस प्रक्रिया में उसने कुल 91,000 रुपये जमा कर दिए। जब महिला को एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो गई है, तो उसने मामला साइबर थाना पुलिस को सौंपा।
साइबर थाना प्रभारी रविकांत ने बताया कि पुलिस ने होटल से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो इस ठगी के मामले में शामिल था। उन्होंने कहा कि इस गिरोह में और भी लोग जुड़े हो सकते हैं, जिनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपी को रिमांड पर लिया गया है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
साइबर थाना प्रभारी रविकांत ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन खरीदारी करते समय सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि आजकल नित नए-नए तरीके से फ्रॉड किए जा रहे हैं। किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांच लें और अनजान लोगों के झांसे में न आएं।
ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते प्रचलन के साथ साइबर अपराधों में भी इजाफा हो रहा है। ठगों द्वारा फर्जी वेबसाइट्स और लिंक के माध्यम से लोगों को लुभाने के लिए महंगे प्रोडक्ट्स सस्ते दामों पर बेचने का लालच दिया जा रहा है। यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि ऑनलाइन लेन-देन करते समय सतर्कता बरतें।




