Inkhabar Haryana, Faridabad Cyber Crime: फरीदाबाद में एक कारोबारी को साइबर ठगों ने पुलिस अधिकारी का नाम लेकर करीब 1.20 लाख रुपये की ठगी कर दी। ठगों ने खुद को SHO बताकर एक दवा कंपनी से संबंधित झूठे आरोपों के तहत कारोबारी से पैसे वसूलने की धमकी दी। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन फर्जी SHO की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।
क्या है पूरा मामला?
बल्लभगढ़ के गांव मच्छगर निवासी कारोबारी उदयवीर ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि 26 दिसंबर 2024 को सुबह करीब 10:30 बजे एक अनजान नंबर से उन्हें कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को सेक्टर 58 पुलिस स्टेशन का थाना प्रभारी बलराम चौधरी बताते हुए कहा कि एक सरकारी कंपनी ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। फर्जी थाना प्रभारी ने पीड़ित को डरी-सहमी स्थिति में यह धमकी दी कि वह तुरंत कंपनी से बात करें, अन्यथा पुलिस उनके घर पहुंचकर मामला बढ़ा देगी और 8-10 लोगों को लेकर उनके बारे में बताने की धमकी दी।
कॉल के बाद पीड़ित डर गया
उदयवीर ने बताया कि इस कॉल के बाद वह डर गए और फर्जी एसएचओ को दोबारा कॉल किया। तब उस व्यक्ति ने कहा कि वह एसीपी को कॉल ट्रांसफर कर रहा है और आधे घंटे बाद एक नए नंबर से फिर से कॉल आई। इस बार ठग ने कहा कि पीड़ित ने जुलाई महीने में दवाइयां ऑर्डर की थीं, और डिलीवरी के समय उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। जब उदयवीर ने इस बात का विरोध किया और कहा कि उन्होंने कुछ भी ऑर्डर नहीं किया है, तब ठग ने डर दिखाकर मामला रफा-दफा करने के लिए उन्हें व्हाट्सएप पर एक क्यूआर कोड भेजा और 4900 रुपये ट्रांसफर करने की धमकी दी।
उदयवीर ने बार-बार पैसे ट्रांसफर किए
डर के कारण उदयवीर ने बार-बार पैसे ट्रांसफर किए। जब फोन पे की लेनदेन सीमा समाप्त हो गई, तो उन्होंने अपने पड़ोसियों से पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा। हालांकि, घटना के दौरान जब उनके बच्चे ने ठग से वीडियो कॉल करने की बात की, तो ठग ने कहा कि यह उनके प्रोटोकॉल के खिलाफ है और कॉल काट दी। इसके बाद जब पड़ोसी के बच्चे ने ठग से वीडियो कॉल करने का प्रयास किया, तो ठगों ने वीडियो कॉल करने से मना कर दिया और कॉल काट दी। बाद में बच्चे ने यह खुलासा किया कि वह लोग असली पुलिस अधिकारी नहीं थे, बल्कि साइबर ठग थे।
साइबर ठगों के खाते में 1,20,210 रुपये ट्रांसफर किए
इस पूरी घटना में पीड़ित ने साइबर ठगों के खाते में 1,20,210 रुपये ट्रांसफर किए थे। अब पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है, हालांकि, ठगों के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। यह घटना साइबर ठगी के मामलों में एक और चेतावनी है कि हमें साइबर अपराधियों से सतर्क रहने की आवश्यकता है, जो आसानी से लोगों को धोखा देने में सफल हो जाते हैं।