




पुलिस के मुताबिक, पीड़ित सब-इंस्पेक्टर थाने में जांच अधिकारी के रूप में तैनात हैं। 16 दिसंबर को शाम करीब चार बजे, जब वह थाने में ड्यूटी कर रहे थे, तभी उनके मोबाइल फोन पर एक निजी बैंक से तीन लाख रुपये की निकासी का संदेश आया। यह संदेश पढ़कर वह स्तब्ध रह गए।
घबराए हुए सब-इंस्पेक्टर तुरंत बैंक पहुंचे और अपना खाता बंद कराने की प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान उन्हें पता चला कि उनके खाते से पहले ही एक लाख और दो लाख रुपये निकाले जा चुके हैं। इन ट्रांजेक्शन्स का कोई संदेश उनके मोबाइल फोन पर नहीं आया था।
पीड़ित ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर इस घटना की सूचना दी। इसके बाद, मंगलवार शाम को साइबर थाना एनआईटी में औपचारिक शिकायत दर्ज की गई। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ठगों की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। प्राथमिक जांच में यह साइबर फ्रॉड का मामला लग रहा है, जिसमें पीड़ित के बैंक खाते की जानकारी ठगों के हाथ लग गई।
साइबर थाना पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों और मोबाइल फोन से जुड़ी संवेदनशील जानकारी को सुरक्षित रखें। किसी अज्ञात लिंक, कॉल या संदेश पर प्रतिक्रिया न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना साइबर हेल्पलाइन नंबर पर दें।




