Inkhabar Haryana, Fraud on name of Lok Sabha Ticket: हरियाणा के हांसी में एक चौंकाने वाला ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें एक बीजेपी नेता से हिसार लोकसभा सीट की टिकट दिलवाने के नाम पर करोड़ों की ठगी की गई। पूरे मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक अमित यशवर्धन ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता में किया। यह मामला केवल धोखाधड़ी तक सीमित नहीं बल्कि राजनीति में टिकट के नाम पर फैले भ्रम और लालच की गहराई को भी उजागर करता है।
क्या हैं पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, हांसी के न्यू सुभाष नगर निवासी भाजपा नेता प्रवीण गोदारा को कुछ लोगों ने हिसार लोकसभा सीट से टिकट दिलवाने का लालच दिया। बातचीत दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में हुई, जहां कपिल अग्रवाल और हर्ष अग्रवाल नामक दो व्यक्तियों ने खुद को पार्टी के शीर्ष नेताओं से जुड़ा हुआ बताया और प्रवीण गोदारा को टिकट दिलवाने का आश्वासन दिया। इस बातचीत में कुल 100 करोड़ की डील फाइनल हुई जिसमें से 30 करोड़ एडवांस और शेष 70 करोड़ टिकट मिल जाने के बाद देने की बात कही गई। प्रवीण गोदारा ने इस भरोसे में आकर कपिल अग्रवाल के खातों में ऑनलाइन माध्यम से कुल 63 लाख 88 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।
धोखाधड़ी का पर्दाफाश
जब टिकट की सूची में प्रवीण गोदारा का नाम नहीं आया और उन्होंने अपने पैसे वापिस मांगने की कोशिश की, तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। इसके बाद उन्होंने 22 अप्रैल 2025 को पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान दिल्ली के राजेंद्र नगर निवासी कपिल अग्रवाल और गुरुग्राम की दयाल मार्केट निवासी आशीष पाठक के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों को 6 दिन के रिमांड पर लिया है और आगे की जांच के लिए उन्हें दिल्ली भी लेकर गई है।
संगठित गिरोह और तकनीकी ठगी के संकेत
पुलिस अधीक्षक अमित यशवर्धन के अनुसार, यह केवल एक ठगी नहीं बल्कि एक संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकता है, जो राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखने वाले लोगों को निशाना बनाकर उन्हें टिकट दिलवाने का झांसा देता है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी आशीष पाठक की एक आईटी कंपनी है जिसका नाम Blue Pack है, जिसमें एक करंट अकाउंट भी है। इसी खाते के माध्यम से पैसा ट्रांसफर हुआ था।
अन्य आरोपी भी रडार पर
FIR में चार लोगों को नामजद किया गया है। गिरफ्तार दो आरोपियों के अलावा हरपाल सिंह और हर्ष अग्रवाल की तलाश जारी है। इनमें से हरपाल सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि इस ठगी कांड में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं और जांच अभी जारी है।