




पुलिस को इस मामले की शिकायत एक खाताधारक ने की थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने डीबीएस बैंक के गुरुग्राम स्थित डीएलएफ फेज-2 शाखा में खाता खुलवाया था। जब उसने बैंक रिलेशनशिप मैनेजर टीपू सुल्तान से खाता बंद कराने को कहा, तो मैनेजर ने उसे ब्रांच में आकर प्रक्रिया पूरी करने की बात कही।
इसके बाद 6 दिसंबर को शिकायतकर्ता को उसके खाते में 15,000/- क्रेडिट होने का मैसेज मिला। इस पर उसने टीपू सुल्तान से संपर्क किया, जिसने इसे बैंक की प्रक्रिया का हिस्सा बताया। कुछ ही दिनों बाद, 9 दिसंबर को, खाताधारक को लगभग 1.96/- करोड़ क्रेडिट होने का संदेश प्राप्त हुआ।
शक होने पर जब वह बैंक पहुंचा, तो यह सामने आया कि उसके खाते से जुड़े मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी को धोखाधड़ी से बदला गया था। इसके बाद पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपी टीपू सुल्तान डीबीएस बैंक की साइबर सिटी, डीएलएफ फेज-2 ब्रांच में जून 2023 से पर्सनल बैंकर के रूप में काम कर रहा था। इस दौरान उसकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई, जिसने ऑनलाइन बेटिंग के लिए एक करंट खाता खोलने की मांग की।
बैंक नियमों का हवाला देते हुए टीपू सुल्तान ने पहले मना कर दिया, लेकिन ठग ने उसे पांच लाख रुपए का लालच दिया। लालच में आकर आरोपी ने एक अन्य खाताधारक के बैंक अकाउंट की डिटेल्स, जैसे मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी, बदलकर ठगों को वह खाता इस्तेमाल करने दिया।
पुलिस प्रवक्ता एएसआई संदीप ने बताया कि साइबर क्राइम यूनिट ने आरोपी टीपू सुल्तान को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से अपराध में उपयोग किए गए एक मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि गुरुग्राम में साइबर ठगी के विभिन्न मामलों में अब तक 23 बैंक कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
गुरुग्राम में लगातार बढ़ रही साइबर ठगी के मामलों ने लोगों को सतर्क रहने की जरूरत पर बल दिया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों की जानकारी को सुरक्षित रखें और बैंक से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करें।




