कैसे सामने आया फर्जीवाड़ा?
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने ग्रुप-C पदों की भर्ती के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू की थी। इसी का फायदा उठाकर कुछ शातिर साइबर ठगों ने 29 मई 2025 को एक फर्जी वेबसाइट तैयार की, जो हूबहू आधिकारिक पोर्टल जैसी लग रही थी। इस वेबसाइट के जरिए ठगों ने आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी और क्यूआर कोड के माध्यम से फीस वसूली का तरीका अपनाया।
कैसे करते थे ठगी?
फर्जी वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करते समय आवेदकों से व्यक्तिगत जानकारी और 250-300 रुपये तक की फीस वसूली गई। इतना ही नहीं, वेबसाइट पर दावा किया गया कि इसे 14 लाख से ज्यादा लोग विजिट कर चुके हैं — जिससे इसे वैध और लोकप्रिय दिखाने की कोशिश की गई। 5 जून को सुबह 11:53 बजे तक वेबसाइट पर 14,42,077 विजिटर्स दिखाए जा रहे थे, जबकि HSSC चेयरमैन हिम्मत सिंह ने साफ किया कि ये आंकड़े पूरी तरह फर्जी हैं।
शिकायत के बाद तेज़ हुई कार्रवाई
कुछ छात्रों ने जब रसीद और रजिस्ट्रेशन की वैधता को लेकर संदेह जताया, तब ये मामला HSSC के संज्ञान में आया। आयोग के सदस्य भूपेंद्र चौहान ने इस संबंध में पंचकूला सेक्टर-20 साइबर थाने में शिकायत दर्ज करवाई। आयोग ने तुरंत मामले को गंभीरता से लेते हुए पोर्टल से जुड़े बैंक खातों को फ्रीज़ करवाया और साइबर विशेषज्ञों की मदद से वेबसाइट को 6 जून तक पूरी तरह बंद करवा दिया।
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए हरियाणा के 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से तीन आरोपी गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले हैं, जबकि एक-एक आरोपी फतेहाबाद और कुरुक्षेत्र से हैं। जांच में सामने आया कि अब तक 77 से अधिक छात्रों से करीब 22,000 रुपये की ठगी हो चुकी है।
क्या है HSSC की अपील?
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने उम्मीदवारों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही आवेदन करें और किसी भी अनधिकृत पोर्टल या लिंक से दूरी बनाए रखें। साथ ही, अगर कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत नजदीकी साइबर थाना या आयोग को सूचना दें।