Inkhabar Haryana, Jind Crime News: हरियाणा की जींद जिला जेल से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरपंच की हत्या के आरोप में जेल में बंद एक कैदी पर उसी जेल के 11 अन्य कैदियों ने जानलेवा हमला कर दिया। यह घटना बुधवार दोपहर को उस वक्त घटी जब जेल प्रशासन ने कुछ कैदियों को जरूरी कार्यों के लिए ब्लॉक से बाहर निकाला था। हमले में घायल कैदी की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे जिला सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कब हुआ हमला?
बुधवार को जिला जेल प्रशासन ने कैदियों को कैंटीन की सफाई और अन्य आंतरिक कार्यों के लिए ब्लॉक से बाहर आने की अनुमति दी थी। इसी दौरान जेल में एक मेडिकल कैंप और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की प्रक्रिया भी चल रही थी, जिसके चलते बंदियों को अस्पताल परिसर की ओर जाने की छूट दी गई थी। जेल की इस अपेक्षाकृत खुली व्यवस्था का फायदा उठाकर कुछ कैदियों ने मिलकर हमला कर डाला।
हमले की साजिश और आरोपियों की पहचान
इसी दौरान 11 बंदियों अमरीक उझाना, अभिषेक नरवाना, मनीष बरसोला, शुभम (जींद), दीपक, प्रवीन खटकड़, सागर (अपराही मोहल्ला जींद), सुखविंद्र (गुरथली), आकाश बरसोला, संदीप सिंघाना और संदीप खटकड़ — ने सरपंच हत्या मामले के आरोपी कैदी विनय पर अचानक हमला कर दिया। इन कैदियों ने विनय पर नुकीली वस्तुओं से वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
सुरक्षाकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर रोका झगड़ा
जैसे ही जेल में यह हिंसक घटना हुई, ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी तुरंत हरकत में आए और हालात पर काबू पाया। सुरक्षाकर्मियों ने घायल विनय को तुरंत हमलावरों से छुड़ाया और उसे गंभीर हालत में जिला सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। इस हमले के बाद जेल परिसर में तनाव का माहौल बन गया। जेल प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया और मामले की जानकारी सिविल लाइन्स थाना पुलिस को दी गई।
सभी आरोपियों पर मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए सभी 11 आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं और प्रिजनर एक्ट के तहत जानलेवा हमला करने समेत कई गंभीर आरोपों में मामला दर्ज कर लिया है। गौरतलब है कि घायल कैदी विनय काबरछा गांव का निवासी है और वर्तमान में एक सरपंच की हत्या के आरोप में जींद जिला जेल में बंद है। उसके खिलाफ पहले से ही गंभीर मामला दर्ज है, और अब जेल में उस पर हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।