Inkhabar Haryana, Mahipal Dhanda on Haryana Law and Order: हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने विधानसभा में अपराध नियंत्रण से जुड़े आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि वर्तमान राज्य सरकार ने अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर कानून-व्यवस्था को एक नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस को त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के लिए पूरी स्वतंत्रता दी गई है, जिसके परिणामस्वरूप गंभीर और हिंसक अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
अपराध पर सख्ती से नतीजे
मंत्री ढांडा ने बताया कि एफआईआर पंजीकरण, त्वरित जाँच, शीघ्र गिरफ़्तारियाँ और समय पर आरोप-पत्र दाखिल करने से न्याय में देरी खत्म हुई है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा और अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
2014-2024 बनाम 2004-2014 आँकड़ों की तस्वीर
सदन में पेश किए गए आँकड़ों के अनुसार, 2014 से 2024 के बीच, राज्य की जनसंख्या में 13.76% की वृद्धि के बावजूद अपराधों में कमी दर्ज की गई। हत्या में 12.75% कमी, डकैती में 49.41% कमी, लूट में 10.52% कमी और दंगों में 20.78% कमी हैं। इसके विपरीत, 2004 से 2014 के दौरान, इन्हीं अपराधों में बेतहाशा बढ़ोतरी दर्ज की गई थी हत्या में 50.88%, डकैती में 230.76%, लूट में 258.2% और दंगों में 178% तक।
साइबर अपराध रोकथाम में आगे
महिपाल ढांडा ने बताया कि हरियाणा पुलिस ने साइबर अपराध रोकथाम में राष्ट्रीय स्तर पर मानक स्थापित किए हैं। प्रतिदिन साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी 5 से बढ़कर 22 हो गई है। गिरफ़्तार किए गए अपराधियों में से 75% हरियाणा से बाहर के हैं। सितंबर 2024 में गृह मंत्रालय ने हरियाणा को साइबर अपराधों के खिलाफ सबसे प्रभावी राज्य घोषित कर पुरस्कृत किया।
महिलाओं की सुरक्षा
महिलाओं के खिलाफ अपराधों के संदर्भ में ढांडा ने कहा कि 2014-2024 के बीच छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न में 19.19% कमी, अपहरण में 21.54% कमी और दहेज हत्या में 40.3% कमी दर्ज हुई। वहीं 2004-2014 के बीच इन अपराधों में भारी वृद्धि हुई थी। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य में 33 महिला पुलिस थाने खोले गए हैं और प्रमुख स्थानों पर ‘दुर्गा शक्ति रैपिड एक्शन फोर्स’ की तैनाती की गई है।
संगठित अपराध और एनकाउंटर का ब्योरा
संगठित अपराध से निपटने के लिए वर्ष 2017 में एक विशेष कार्य बल (STF) का गठन किया गया, जिसने अब तक 2,836 कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया है। केवल 1 जनवरी 2024 से अब तक 110 मुठभेड़ों में 13 खूंखार अपराधी मारे गए और 156 घायल हुए।