




पशु चिकित्सक को मौके पर बुलाकर हिरण का पोस्टमार्टम करवाया गया। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि हिरण को गोली मारने के साथ-साथ तेजधार हथियार का भी इस्तेमाल किया गया था। घटना स्थल से कई महत्वपूर्ण सुराग जुटाए गए हैं, जिनकी जांच पुलिस और वाइल्डलाइफ विभाग कर रहे हैं।
बिश्नोई समाज, जो जीव रक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए जाना जाता है, ने इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। गांव के लोग और जीव रक्षा बिश्नोई टीम के सदस्य मौके पर जमा हुए और जिला प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई।
बिश्नोई समाज के प्रतिनिधि कुलदीप कुमार ने बताया कि यह पहली बार है जब सिरसा जिले में हिरण का शिकार हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि इस घटना से पहले जीव हत्या करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को पकड़ा गया था, लेकिन बाकी आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। कुलदीप ने कहा कि जीव हत्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जाएगी।
पुलिस ने जीव रक्षा टीम के चंद्रमोहन बिश्नोई के बयानों के आधार पर अज्ञात शिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वाइल्डलाइफ अधिकारी रिछपाल सिंह के साथ मिलकर पुलिस आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस ने बिश्नोई समाज को आश्वासन दिया है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




