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Sirsa cyber fraud: हरियाणा में मोबाइल चोरी कर इस तरह उड़ाते थे खाते से पैसे, जानें कैसे हरियाणा पुलिस ने किया बाप-बेटे के साइबर ठगी का पर्दाफाश

BY: • LAST UPDATED : July 15, 2025
Inkhabar Haryana, Sirsa cyber fraud: हरियाणा के सिरसा जिले में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। तिरंगा यात्रा के दौरान हुई मोबाइल चोरी की वारदात की कड़ी से शुरू हुई जांच ने एक संगठित साइबर ठग गैंग का भंडाफोड़ कर दिया है। इस गैंग में पिता-पुत्र समेत चार आरोपी शामिल हैं, जिन्हें पुलिस ने तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना के आधार पर गिरफ्तार कर लिया है। ये सभी आरोपी हिसार जिले के गांव कापड़ो के रहने वाले हैं और पूर्व में भी चोरी के कई मामलों में लिप्त रह चुके हैं।

भीड़भाड़ वाले इलाकों को बनाते थे निशाना

पुलिस जांच में सामने आया है कि ये साइबर ठग सार्वजनिक रैलियों, मेलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में मोबाइल फोन चुराने की वारदातों को अंजाम देते थे। सिरसा में 15 अगस्त की तैयारियों के तहत आयोजित तिरंगा यात्रा के दौरान भी इन्हीं आरोपियों ने कई लोगों के मोबाइल फोन चुराए थे। उस दिन की भीड़भाड़ का फायदा उठाकर इन अपराधियों ने संगठित तरीके से वारदात को अंजाम दिया।

इस तरह उड़ाते थे खातों से पैसे

डीएसपी आदर्शदीप ने बताया कि आरोपियों की कार्यशैली अत्यंत तकनीकी और योजनाबद्ध थी। चोरी किए गए मोबाइल फोनों को ये आरोपी ‘डॉक्टर फोन ऐप’ जैसे अनलॉकिंग टूल्स की मदद से रीसेट करते थे। एक बार फोन उनके नियंत्रण में आ जाता, तो वे उसमें इंस्टॉल बैंकिंग ऐप्स, सोशल मीडिया अकाउंट्स और ईमेल्स से पासवर्ड व अन्य संवेदनशील जानकारियां निकाल लेते थे। इसके बाद पीड़ितों के बैंक खातों से सीधे पैसे ट्रांसफर कर दिए जाते थे।

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बरामद हुए मोबाइल, सिम कार्ड और बैंक दस्तावेज

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से कई चोरी किए गए मोबाइल फोन, एक्टिव और फर्जी आईडी पर जारी किए गए सिम कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। ये सभी वस्तुएं ठगी और धोखाधड़ी में इस्तेमाल की जाती थीं।

पहले भी दर्ज हैं चोरी के केस

पुलिस रिकॉर्ड से पता चला है कि इन चारों आरोपियों के खिलाफ पहले भी चोरी और आपराधिक गतिविधियों के कई मामले दर्ज हैं। ये किसी शातिर गैंग की तरह काम कर रहे थे, जहां प्रत्येक सदस्य की भूमिका तय थी कोई मोबाइल चोरी करता था, तो कोई डेटा निकालता और ठगी की योजना बनाता था।

फिलहाल सिरसा पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि इनके साथ और कौन-कौन से लोग या गिरोह जुड़े हुए हैं। डीएसपी आदर्शदीप ने जानकारी दी कि जैसे ही अन्य सहयोगियों की पहचान होगी, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।