




Inkhabar Haryana, Geeta Jayanti Celebrations: हरियाणा के CM नायब सैनी ने शुक्रवार को गीता जयंती समारोह को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की, जिसमें उड़ीसा के कैबिनेट मंत्री और तंजानिया की हाई कमिश्नर भी शामिल हुए। इस वर्ष गीता जयंती समारोह में उड़ीसा और तंजानिया दोनों राज्यों का विशेष सहयोग रहेगा और यह आयोजन 28 नवंबर से 15 दिसंबर तक कुरुक्षेत्र में आयोजित किया जाएगा।
गीता जयंती समारोह न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल, तंजानिया के साथ गीता जयंती का आयोजन एक नई पहल है। तंजानिया में भी हिंदू मंदिरों की उपस्थिति है और वहां की हाई कमिश्नर अनीशा ने भारतीय संस्कृति की गहरी समझ के साथ इस आयोजन में भाग लिया है। सीएम नायब सैनी ने कहा कि हमारी पहल के तहत तंजानिया को भी इस वर्ष गीता जयंती समारोह में शामिल किया गया है। यह हमारे रिश्तों को और मजबूत करेगा।
इस वर्ष गीता के उपदेश को 5161 वर्ष पूरे हो रहे हैं। स्वामी ज्ञानानंद ने इस अवसर पर बताया कि गीता के उपदेश का प्रभाव आज भी वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गीता आज दुनिया भर में समाधान के रूप में देखी जा रही है। महाभारत युद्ध के समय अर्जुन को जो समाधान मिला, वही आज भी दुनियाभर के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।” इस साल समारोह के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो 5 दिसंबर से शुरू होंगे और 15 दिसंबर तक चलेंगे।
गीता जयंती का आयोजन न केवल कुरुक्षेत्र तक सीमित है, बल्कि मॉरिशस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका जैसे देशों में भी गीता जयंती मनाई जा चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जी20 सम्मेलन में अफ्रीकी देशों को प्राथमिकता दी थी, और इसी कड़ी में तंजानिया को इस बार समारोह का हिस्सा बनाया गया है।
कुरुक्षेत्र में होने वाला गीता जयंती समारोह एक विशाल धार्मिक और सांस्कृतिक मेला बन जाता है, जिसमें लाखों लोग आते हैं। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बताया कि पिछले साल लगभग 45-50 लाख लोग गीता जयंती समारोह में शामिल हुए थे। इस वर्ष भी भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। कुरुक्षेत्र की 48 कोस की परिधी में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो स्थानीय संस्कृति और भारतीय धार्मिकता को प्रकट करेंगे।
इस बार के गीता जयंती समारोह में उड़ीसा राज्य का विशेष योगदान रहेगा। उड़ीसा और तंजानिया दोनों के साथ इस आयोजन का होना इसे एक अंतर्राष्ट्रीय आयोजन बनाता है, जो भारत की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करता है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि “हमारे इस प्रयास से हरियाणा, भारत और तंजानिया के बीच सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंध मजबूत होंगे।”
गीता जयंती समारोह का आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सांस्कृतिक समागम का भी एक बड़ा केंद्र बनता है। यहां भारतीय संगीत, नृत्य और कला के अद्भुत प्रदर्शन होते हैं, जो भारतीय संस्कृति की विविधता और गहरी सोच को दर्शाते हैं। इस बार समारोह के हिस्से के रूप में सरस मेला भी आयोजित होगा, जो 28 नवंबर से शुरू होकर पूरे आयोजन का हिस्सा बनेगा।




