




तग वर्ष गठबंधन सरकार ने हरियाणा का आधिकारिक राज्य गीत तैयार करने के लिए प्रयास शुरू किए थे। इस प्रक्रिया के तहत, अखबारों में विज्ञापनों के माध्यम से राज्य के नागरिकों से 204 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। इनमें से तीन गीतों को चुना गया और सदन में प्रस्तुत किया गया। “जय जय जय हरियाणा” नामक एक गीत को समिति ने अंतिम रूप दिया और प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर ने इसे स्वर दिया।
हालांकि, समिति के कुछ सदस्यों ने गीत में इस्तेमाल किए गए संगीत वाद्ययंत्रों पर आपत्ति जताई, यह तर्क देते हुए कि इसमें स्थानीय स्वाद की कमी है। कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि चुनाव की घोषणा के कारण निर्णय लंबित रह गया। अब सरकार ने नई समिति के गठन की घोषणा की है, जिसका जनादेश अधिसूचना के बाद स्पष्ट होगा।
डबवाली से इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के विधायक आदित्य देवीलाल, जो समिति के सदस्य हैं, कहा कि गीत के बोलों में संशोधन का सुझाव भी दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य गीत ऐसा होना चाहिए जो हरियाणा की समृद्ध विरासत और संस्कृति की सच्ची भावना को उजागर करे।
रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण यादव की अध्यक्षता वाली इस नई समिति को एक बड़ा दायित्व सौंपा गया है। समिति का कार्य यह सुनिश्चित करना होगा कि गीत हरियाणा के जन-जन की भावना से जुड़ा हो। स्थानीय संगीत और बोल के माध्यम से यह राज्य की पहचान और गौरव को प्रकट करे।
राज्य गीत का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना ही नहीं, बल्कि उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है। गीत के माध्यम से हरियाणा की ऐतिहासिकता, वीरता और परंपराओं को एक स्वर में गूंजाया जाएगा। यह पहल राज्य के लिए एकजुटता का प्रतीक बन सकती है।




