Advertisement
Advertisement
होम / CM Nayab Saini: हरियाणा सरकार ने दिया नायाब तोहफा, महाराजा सूरजमल की जीवनी स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल

CM Nayab Saini: हरियाणा सरकार ने दिया नायाब तोहफा, महाराजा सूरजमल की जीवनी स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल

BY: • LAST UPDATED : January 15, 2025
Inkhabar Haryana, CM Nayab Saini: हरियाणा सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए हिंदू हृदय सम्राट महाराजा सूरजमल की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने की घोषणा की है। CM नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय पर भारतीय जाट विकास मंच और अखिल भारतीय जाट महासभा ने आभार व्यक्त किया है। इस ऐतिहासिक कदम का जश्न सिरसा समेत राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश तक मनाया जा रहा है।

जाट महासभा और विकास मंच का आभार

भारतीय जाट विकास मंच के प्रधान डॉ. राजेंद्र कड़वासरा ने बुधवार को जाट धर्मशाला में आयोजित एक प्रेस वार्ता में CM नायब सिंह सैनी, शिक्षा मंत्री महिपाल सिंह ढांडा और राज्यसभा सांसद सुभाष बराला का विशेष धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि गत 24 दिसंबर को महाराजा सूरजमल के बलिदान दिवस के अवसर पर गांव फूलकां में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया था। उसी समय मंच ने यह मांग रखी थी कि उनकी जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए।

डॉ. कड़वासरा ने इस निर्णय पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह निर्णय न केवल हरियाणा बल्कि पांच राज्यों के लोगों के लिए गर्व का विषय है। इससे आने वाली पीढ़ी में देशभक्ति और सामाजिक चेतना को बढ़ावा मिलेगा।

Advertisement

महाराजा सूरजमल के योगदान को मिलेगा सम्मान

महेंद्र घणघस, भारतीय जाट विकास मंच के संस्थापक सदस्य और भगत धन्ना जी ट्रस्ट के राष्ट्रीय सचिव ने भी इस कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि महाराजा सूरजमल का इतिहास चार सौ सालों तक अंधेरे में रहा, लेकिन हरियाणा सरकार ने इसे पाठ्यक्रम में शामिल कर एक ऐतिहासिक काम किया है। घणघस ने आगे बताया कि डॉ. कड़वासरा के प्रयासों को सम्मानित करने के लिए उन्हें “फक्र-ए-कौम” खिताब से नवाजा जाएगा।

आने वाले कार्यक्रम और भविष्य की योजनाएं

डॉ. कड़वासरा ने घोषणा की कि आगामी 13 फरवरी को महाराजा सूरजमल की जयंती पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में हरियाणा सरकार और CM का आभार प्रकट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कदम युवाओं में राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकता की भावना को बढ़ावा देगा, जो एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण में सहायक होगा।