




भारतीय जाट विकास मंच के प्रधान डॉ. राजेंद्र कड़वासरा ने बुधवार को जाट धर्मशाला में आयोजित एक प्रेस वार्ता में CM नायब सिंह सैनी, शिक्षा मंत्री महिपाल सिंह ढांडा और राज्यसभा सांसद सुभाष बराला का विशेष धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि गत 24 दिसंबर को महाराजा सूरजमल के बलिदान दिवस के अवसर पर गांव फूलकां में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया था। उसी समय मंच ने यह मांग रखी थी कि उनकी जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए।
डॉ. कड़वासरा ने इस निर्णय पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह निर्णय न केवल हरियाणा बल्कि पांच राज्यों के लोगों के लिए गर्व का विषय है। इससे आने वाली पीढ़ी में देशभक्ति और सामाजिक चेतना को बढ़ावा मिलेगा।
महेंद्र घणघस, भारतीय जाट विकास मंच के संस्थापक सदस्य और भगत धन्ना जी ट्रस्ट के राष्ट्रीय सचिव ने भी इस कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि महाराजा सूरजमल का इतिहास चार सौ सालों तक अंधेरे में रहा, लेकिन हरियाणा सरकार ने इसे पाठ्यक्रम में शामिल कर एक ऐतिहासिक काम किया है। घणघस ने आगे बताया कि डॉ. कड़वासरा के प्रयासों को सम्मानित करने के लिए उन्हें “फक्र-ए-कौम” खिताब से नवाजा जाएगा।
डॉ. कड़वासरा ने घोषणा की कि आगामी 13 फरवरी को महाराजा सूरजमल की जयंती पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में हरियाणा सरकार और CM का आभार प्रकट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कदम युवाओं में राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकता की भावना को बढ़ावा देगा, जो एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण में सहायक होगा।




