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धर्मशाला।केंद्रीय विश्वविद्यालय में शिक्षक दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन, कुलपति रहे मौजूद

BY: • LAST UPDATED : September 5, 2024

InKhabar Haryana,धर्मशाला। शिक्षक विद्यार्थी के जीवन में सबसे अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मां के बाद शिक्षक ही आता है जो विद्यार्थी के जीवन को दिशा देता है। अब वो समय नहीं है कि कक्षा में जाकर शिक्षक को केवल सिलेबस पूरा करवाना है, बल्कि अब शिक्षक की भूमिका काफी सजग है, उसे राष्ट्रनिर्माण के लिए छात्रों को तैयार करना है। यह बात कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने वीरवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों-शोद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही। कुलपति ने तीनों परिसरों के संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों, शोद्यार्थियों को कुलपति सचिवालय से आनलाइन संबोधित किया।

उन्होंने सभी संकाय सदस्यों को इस दिवस की बधाई दी और उन्हें एक शिक्षक के दायित्व से परिचित करवाया। इस अवसर पर तीनों परिसरों से संकाय सदस्य अपनी-अपनी कक्षाओं के साथ इस कार्यक्रम से जुड़े। इस मौके पर अधिष्ठाता अकादमिक प्रो. प्रदीप कुमार ने कुलपति का स्वागत करते हुए संकाय सदस्यों को शिक्षक दिवस की बधाई दी। वहीं कुलपति ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की संस्तुतियों को लागू करने में पूरे भारत वर्ष में काफी सराहनीय भूमिका निभाई है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की पहल है।

 

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विद्यार्थी को अपने जीवन में एक लक्ष्य तय करना होगा ताकि उसके जीवन को एक सही दिशा मिल सके। वही शिक्षक का भी यह दायित्व बनता है कि वह विद्यार्थी की उसके लक्ष्य तक पहुंचने में पूरी सहायता करे। उसे समय-समय पर लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करता रहे। कुलपति प्रो. बंसल ने संबोधन के पश्चात तीनों परिसरों के विद्यार्थियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना।इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. सुमन शर्मा, अधिष्ठाता अकादमिक प्रो. प्रदीप कुमार मौजूद रहे।

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