




डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने इस मौके पर कहा कि उनका उद्देश्य हर पुलिस लाइन में लाइब्रेरी की स्थापना करना है, ताकि पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल कर सकें। उन्होंने बताया कि अब तक हरियाणा में 18 लाइब्रेरी स्थापित की जा चुकी हैं, जिनमें न केवल किताबें, बल्कि कंप्यूटर और लैपटॉप जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। यह प्रयास पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा।
समारोह के दौरान डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने राज्य में बढ़ते गैंगस्टर गतिविधियों और साइबर अपराधों पर भी बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि गैंगस्टर की अवैध संपत्ति को जब्त करने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा गैंगस्टरों के अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई की जा रही है, ताकि उनके आपराधिक नेटवर्क को कमजोर किया जा सके।
साइबर क्राइम पर चर्चा करते हुए डीजीपी ने नागरिकों को सचेत किया और बताया कि हाल के दिनों में “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर साइबर ठग लोगों से ठगी कर रहे हैं। उन्होंने सभी को सलाह दी कि अगर इस तरह के धोखाधड़ी के कॉल आते हैं, तो तुरंत 1930 पर शिकायत करें। डीजीपी के अनुसार, यदि समय रहते शिकायत की जाती है, तो ठगी गई राशि का 70% तक ब्लॉक किया जा सकता है, विशेषकर अगर शिकायत छह घंटे के अंदर की जाए।




