Advertisement
Advertisement
होम / Kurukshetra News: विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति और विकास पर चर्चा, शिक्षकों की विधियों में सुधार

Kurukshetra News: विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति और विकास पर चर्चा, शिक्षकों की विधियों में सुधार

BY: • LAST UPDATED : October 7, 2024

Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज ने हाल ही में चार साप्ताहिक फैकल्टी इंडक्शन ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने नई शिक्षा नीति, प्रबंधन और सतत विकास के उद्देश्यों पर अपने विचार साझा किए। मुख्य वक्ता प्रो. केपी कौशिक, जो राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान से जुड़े हैं, ने शिक्षण की कला में महारत हासिल करने और कक्षा में सफलता के लिए प्रभावी रणनीतियों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि शिक्षकों को कैसे अपनी विधियों में सुधार करना चाहिए।

शिक्षा प्रक्रिया को सही ढंग से समझाया

यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के प्रो. अनिल मित्तल ने प्रबंधन में प्रभावी निर्णय लेने की प्रक्रिया को समझाया। उन्होंने बताया कि सही निर्णय लेने के लिए क्या-क्या बातों का ध्यान रखना चाहिए। प्रो. सुप्रण कुमार शर्मा ने सतत विकास के लक्ष्यों के सुदृढ़ डिजाइन और विकास के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने सहयोगी पारिस्थितिकी तंत्र की आवश्यकता और संस्थान के विकास की अवधारणा को स्पष्ट किया।

इस कदम से शिक्षा नीति में होगा विकास

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर सीएल चंदन ने भारत में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के संदर्भ में वैश्वीकृत दुनिया में सतत विकास के मुद्दों पर चर्चा की। आगे के सत्र में, प्रो. प्रदीप कुमार ने चैट जीपीटी के उपयोगों पर विचार किया, जबकि भूभौतिकी विभाग के प्रो. भगवान सिंह चौधरी ने समग्र और बहुविषयक शिक्षा के महत्व पर चर्चा की। अंत में, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के प्रो. डॉ. ऋषि राज शर्मा ने शोध लेखन के प्रोटोकॉल पर जानकारी दी। इस कार्यक्रम ने शिक्षकों को नई शिक्षा नीति और सतत विकास के महत्व के बारे में जागरूक किया।

Advertisement

Shardiya Navratra 2024: पंचकूला का प्रसिद्ध मंदिर जहां गिरा था माता सती का मस्तिष्क, पूरी होती है हर मनोकामना