Inkhabar Haryana, Mahipal Dhanda on Digital Library in Haryana: हरियाणा में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और बच्चों के अनुकूल बनाने की दिशा में एक नई शुरुआत हो रही है। प्रदेश सरकार ने ऐलान किया है कि जल्द ही राज्यभर में कंप्यूटर युक्त डिजिटल लाइब्रेरियां खोली जाएंगी ताकि विद्यार्थियों को डिजिटल युग के अनुरूप संसाधन मिल सकें। यह घोषणा राज्य के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने पानीपत जिले के दीवाना गांव में एक कार्यक्रम के दौरान की।
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दीवाना गांव से मिली शिक्षा सुधार की नई दिशा
गुरुवार को शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा पानीपत के दीवाना गांव स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल पहुंचे, जहां उन्होंने लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से बने नए भवन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने न केवल छात्रों के बीच बैठकर संवाद किया, बल्कि अपने छात्र जीवन की यादें भी साझा कीं।
मंत्री ने बताया कि इस स्कूल में पांच नए कमरे बनाए गए हैं और पुरानी कक्षाओं की मरम्मत करवाई गई है। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बुरा, ग्राम सरपंच और विद्यालय की शिक्षिका सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मंत्री ढांडा ने यह भी उल्लेख किया कि ग्रामीणों की मांग पर उन्होंने पहली बार विधायक बनने के बाद इस स्कूल को बारहवीं कक्षा तक की मान्यता दिलवाई थी।
पुराने स्कूल होंगे कंडम घोषित
महिपाल ढांडा ने प्रदेश के शिक्षा ढांचे की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज हरियाणा में कई स्कूल ऐसे हैं जो 60 साल से भी ज्यादा पुराने और जर्जर हालत में हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी स्कूलों को “कंडम” घोषित किया जाएगा। पहले चरण में 1500 ऐसे स्कूलों की पहचान की गई है, जिन्हें पूरी तरह से दोबारा बनाया जाएगा। वहीं जिन स्कूलों की मरम्मत संभव है, उन्हें सुधारकर नया रूप दिया जाएगा।
डिजिटल युग के लिए डिजिटल लाइब्रेरी
राज्य सरकार की शिक्षा में डिजिटल परिवर्तन की योजना के तहत कंप्यूटर युक्त डिजिटल लाइब्रेरियों की स्थापना एक अहम कदम है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इन लाइब्रेरियों से न केवल छात्रों को आधुनिक ज्ञान मिलेगा, बल्कि वे प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं की भी बेहतर तैयारी कर सकेंगे। यह पहल राज्य में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक होगी।
शिक्षा भारत के नवनिर्माण की नींव- ढ़ाडा
अपने संबोधन में महिपाल ढांडा ने शिक्षा को “भारत के नवनिर्माण की असली नींव” बताया। उन्होंने कहा कि अगर शिक्षक बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए अपना 100% देंगे, तो बच्चे भी बदले में अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे। उन्होंने शिक्षा को केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि भारत को एक समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने का जरिया बताया।
मंत्री ने यह भी कहा कि आज हम जिस विकसित भारत का सपना देख रहे हैं, वह तभी साकार हो सकता है जब हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को बेहतर, मूल्य-आधारित और तकनीकी शिक्षा देंगे। उन्होंने भारत को एक महान विचार बताया जो सदैव दुनिया को देने की सोच रखता है, न कि लेने की। अपने संबोधन में उन्होंने बीते वर्षों की याद करते हुए कहा कि एक समय था जब गांव के लोग आपस में चंदा इकट्ठा कर स्कूल बनवाते थे। आज सरकार उसी भावना को एक नए आयाम पर ले जाकर, हर गांव-हर स्कूल को डिजिटल और मजबूत आधारभूत संरचना से लैस करना चाहती है।
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