




Inkhabar Haryana, Ajaz Khan Controversy: डिजिटल युग में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने मनोरंजन की दुनिया में क्रांति ला दी है। पारंपरिक सेंसरशिप से दूर, ये प्लेटफॉर्म निर्माता और दर्शकों को एक खुली ज़मीन प्रदान करते हैं जहाँ रचनात्मकता की कोई सीमा नहीं होती। लेकिन जब यही आज़ादी अभद्रता की ओर बढ़ने लगे, तब सवाल उठना लाज़मी है। हाल ही में अभिनेता और बिग बॉस फेम एजाज़ खान के वेब शो ‘हाउस अरेस्ट’ को लेकर उठे विवाद ने ओटीटी की आज़ादी और ज़िम्मेदारी पर नई बहस छेड़ दी है।
‘हाउस अरेस्ट’ शो पर अश्लील और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले कंटेंट दिखाने का आरोप लगा है। जैसे ही ये मामला तूल पकड़ा, उल्लू ऐप ने इस शो के सभी एपिसोड्स को अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया। इसके बाद मुंबई के अंबोली पुलिस स्टेशन में एजाज़ खान और शो से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी संज्ञान लेते हुए एजाज़ खान और निर्माता विभु अग्रवाल को 9 मई को पेश होने का सम्मन भेजा है। इसी बीच बजरंग दल ने भी एक्टिव रुख अपनाते हुए एजाज़, शो के निर्माता राजकुमार पांडे, और उल्लू ऐप के अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया है।
जहां एक तरफ एजाज़ खान की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं, वहीं शो की अभिनेत्री गहना वशिष्ठ ने उन्हें समर्थन दिया है। गहना का कहना है कि उन्होंने शो के किसी भी दृश्य को असहज महसूस नहीं किया और वो पूरी तरह कंफर्टेबल थीं। इससे यह बहस और भी जटिल हो जाती है कि क्या ऑन-स्क्रीन सहमति पर्याप्त है, जब दर्शकों की भावनाएं आहत हो रही हों?




