Advertisement
Advertisement
होम / Firoz Khan on Operation Sindoor: “नफरत उगाई गई…”, ऑपरेशन सिंदूर पर ये क्या बोल गए महाभारत के अर्जुन?

Firoz Khan on Operation Sindoor: “नफरत उगाई गई…”, ऑपरेशन सिंदूर पर ये क्या बोल गए महाभारत के अर्जुन?

BY: • LAST UPDATED : May 19, 2025
Inkhabar Haryana, Firoz Khan on Operation Sindoor: प्रसिद्ध अभिनेता और महाभारत में अर्जुन की भूमिका निभा चुके फिरोज खान, जिन्हें लोग प्यार से अर्जुन नाम से जानते हैं, आज यमुनानगर पहुंचे। यहां उन्होंने मीडिया से बात करते हुए न सिर्फ अपने विचार साझा किए, बल्कि देश में हालिया घटनाओं और सामाजिक परिस्थितियों पर भी खुलकर बोले। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सवाल खड़े करते हुए इस पूरे मसले को “मुखौटा” बताया और कहा कि यह दुनिया जैसी दिखती है वैसी है नहीं।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर खड़े किए सवाल

जब मीडिया कर्मियों ने उनसे ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सवाल पूछा, तो शुरुआत में फिरोज खान ने जवाब देने से इनकार कर दिया। लेकिन फिर अपने अंदाज़ में उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि आप सवाल कर सकते हैं, तो मैं भी आपसे सवाल कर सकता हूं। उन्होंने कहा कि अगर यह सब हकीकत होती, तो अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापारिक प्रतिबंधों की धमकी के बाद सचमुच व्यापार बंद हो गया होता। कहां गया ट्रेड बंद करना, और कहां गया सिंदूर?  यह कहते हुए उन्होंने इन घटनाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए।

‘नफरत है ही नहीं, यह तो उगाई गई है’

फिरोज खान ने कहा कि समाज में फैली नफरत जन्मजात नहीं है, इसे कुछ लोगों द्वारा जानबूझकर फैलाया गया है। नफरत है ही नहीं, यह तो उगाई गई है। और इसे मिटाना भी हम ही सीख सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह दुनिया एक मुखौटा है, और हमें उसी हिसाब से खुद को ढालना होता है। पहलगाम में हुए नरसंहार पर प्रतिक्रिया देते हुए फिरोज खान ने कहा कि रामायण, कुरान या किसी भी धार्मिक ग्रंथ में मासूमों का खून बहाने की बात नहीं सिखाई जाती। कुछ लोग अपने फायदे के लिए धर्म का सहारा लेकर खून बहाते हैं और उन्हें इसका जवाब खुद देना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी प्रकार की हिंसा के समर्थन में नहीं हैं और जो ऐसा करते हैं, वह उनके साथ नहीं हैं।

Advertisement

हिंदुस्तान की तारीफ में बोले

बातचीत के अंत में फिरोज खान ने भारत की संस्कृति और जनभावनाओं की जमकर तारीफ की। उन्होंने बताया कि वे दुनिया के लगभग हर बड़े देश में जा चुके हैं, लेकिन जितना अपनापन और प्यार उन्हें हिंदुस्तान में मिला है, वह कहीं और नहीं मिला। मैं इस लाइन में 37 साल से हूं, और मुझे यहां के लोगों ने जो प्यार दिया है, उसके लिए मैं हमेशा आभारी रहूंगा।