




Inkhabar Haryana, Rahul Fajilpuria Statement on Viral Post: हरियाणा के मशहूर सिंगर राहुल फाजिलपुरिया पर हुई फायरिंग की घटना में अब नया मोड़ आ गया है। जहां एक ओर सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है, वहीं अब खुद राहुल फाजिलपुरिया ने सामने आकर इस पूरे मामले में सफाई दी है। उन्होंने वायरल हो रहे उस पोस्ट को फर्जी करार दिया है जिसमें एक व्यक्ति ने फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी।
जानकारी के लिए बता दें कि कुछ दिन पहले राहुल फाजिलपुरिया पर अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग की थी। घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुआ जिसमें सुनील सरधानिया नामक व्यक्ति ने फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। उसने दावा किया कि फाजिलपुरिया ने दीपक नांदल से 5 करोड़ रुपये लिए थे और उसे लौटाया नहीं गया, इसलिए यह हमला किया गया। हालांकि, पोस्ट में यह भी कहा गया कि हमला मारने के इरादे से नहीं, बल्कि डराने के लिए किया गया था।
अब इस पूरे मामले में राहुल फाजिलपुरिया ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा पोस्ट पूरी तरह फर्जी है। उन्होंने साफ किया कि न तो सुनील सरधानिया और न ही इंद्रजीत यादव का इस फायरिंग से कोई संबंध है। उनका बयान आने के बाद केस ने पूरी तरह से नया रुख ले लिया है।
फाजिलपुरिया ने पुलिस से औपचारिक रूप से सुरक्षा की मांग की है। साथ ही उन्होंने हथियार रखने के लिए लाइसेंस देने की भी गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि दो साल पहले भी उन्होंने लाइसेंस के लिए आवेदन किया था, लेकिन अपने व्यस्त कार्यक्रमों के चलते जरूरी दस्तावेज समय पर जमा नहीं कर पाए थे। इस बार उन्होंने सभी जरूरी दस्तावेज पुलिस को सौंप दिए हैं और लाइसेंस प्रक्रिया के लिए फुलफिलमेंट कर दी गई है। पुलिस अब उनके आवेदन की वेरिफिकेशन प्रक्रिया में जुटी हुई है। फिलहाल उन्हें अस्थायी सुरक्षा भी मुहैया कराई गई है।
इस मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान 25 वर्षीय विशाल के रूप में हुई है, जो सोनीपत का रहने वाला है। पुलिस जांच में सामने आया है कि विशाल ने फाजिलपुरिया की रेकी की थी। वह गुरुग्राम के अलग-अलग गेस्ट हाउस में ठहरकर उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहा था।
फिलहाल विशाल को रिमांड पर लेकर उससे गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि फायरिंग में शामिल बाकी लोगों और साजिशकर्ताओं का पता लगाया जा सके। साथ ही पुलिस वायरल हो रही सोशल मीडिया पोस्ट की तकनीकी जांच भी कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वह पोस्ट असली है या किसी साजिश के तहत बनाई गई है।




