




सैफ़ अली ख़ान का पटौदी से एक विशेष लगाव है। पटौदी पैलेस, जो 42 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है, न केवल उनके पूर्वजों की धरोहर है, बल्कि सैफ़ इसे अपने दिल के बेहद करीब मानते हैं। कुछ महीने पहले ही सैफ़ अपने पूरे परिवार के साथ यहां आए थे और उन्होंने अपने पड़ोसियों से मुलाकात भी की थी।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सैफ़ एक सरल और विनम्र व्यक्ति हैं। वे अक्सर अपने पड़ोसियों से मिलते थे और उनकी खैरियत पूछते थे। यही नहीं, उनके बेटे तैमूर अली ख़ान को भी यहां के लोग बेहद पसंद करते हैं। तैमूर अक्सर पड़ोस की दुकानों से खाने-पीने की चीजें लेते नजर आते थे और स्थानीय बच्चों के साथ समय बिताना उन्हें अच्छा लगता था।
हमले की खबर के बाद पटौदी के निवासियों ने सैफ़ अली ख़ान के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। उनके पड़ोसियों ने कहा कि सैफ़ अली ख़ान न केवल एक मशहूर अभिनेता हैं, बल्कि एक अच्छे इंसान भी हैं। वे जब भी पटौदी आते हैं, तो यहां के लोगों से मिलना और उनका हालचाल पूछना नहीं भूलते।
सैफ़ अली ख़ान को क्रिकेट खेलने का भी शौक है। उनके पिता मंसूर अली ख़ान पटौदी भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान थे, और यह खेल उनके खून में है। पटौदी पैलेस के विशाल मैदानों में अक्सर सैफ़ और उनके परिवार के लोग क्रिकेट खेलते नजर आते हैं।
तैमूर अली ख़ान का नाम रखने पर हुए विवाद पर भी पटौदी के निवासियों ने अपनी नाराज़गी व्यक्त की। उनका कहना है कि यह परिवार का निजी फैसला है और इसे लेकर विवाद खड़ा करना अनुचित है।




