Inkhabar Haryana, Dengue and Malaria Case in Haryana: बरसात के बाद फरीदाबाद में डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। शहर के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन गई है, जो मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान कर रही है। इसी के चलते स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है और विभिन्न स्थानों पर अभियान चलाकर लार्वा की पहचान तथा नष्ट करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
55 से अधिक स्थानों पर मिला डेंगू-मलेरिया का लार्वा
फरीदाबाद के सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने जानकारी दी कि जिले में डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए 52 टीमों को मैदान में उतारा गया है। इन टीमों ने अब तक जिले के 55 से अधिक स्थानों पर डेंगू और मलेरिया के लार्वा की पुष्टि की है। स्वास्थ्य विभाग ने इन क्षेत्रों में संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर दिए हैं और लार्वा नष्ट करने की कार्रवाई भी जारी है।
जिला चार जोनों में विभाजित
डिस्ट्रिक्ट मलेरिया ऑफिसर डॉ. रामभगत के अनुसार, पूरे जिले को चार जोनों – एनआईटी-1, एनआईटी-2, ओल्ड फरीदाबाद और बल्लभगढ़ – में विभाजित किया गया है। हर क्षेत्र में 40 सदस्यीय टीमें सक्रिय रूप से कार्यरत हैं, जो रोज़ाना फील्ड में जाकर कूलरों, पानी की टंकियों, गमलों, मटकों और अन्य जलस्रोतों की जांच कर रही हैं। जिन स्थानों पर लार्वा पाया जा रहा है, वहां विशेष दवाओं का छिड़काव कर उन्हें नष्ट किया जा रहा है।
आंकड़ों में बीमारी की गंभीरता
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2014 से 2024 तक फरीदाबाद में डेंगू के कुल 2521 मामले दर्ज किए गए हैं। वर्ष 2025 में अब तक डेंगू के चार और मलेरिया का एक मामला सामने आया है। भले ही आंकड़े अभी कम हैं, लेकिन बदलते मौसम और जलभराव की स्थिति को देखते हुए विभाग ने पहले से ही सतर्कता बढ़ा दी है।
जनजागरूकता पर भी जोर
स्वास्थ्य विभाग की टीमें न केवल लार्वा की पहचान और विनाश में लगी हैं, बल्कि जनजागरूकता फैलाने में भी जुटी हैं। टीमों द्वारा घर-घर जाकर लोगों को यह बताया जा रहा है कि वे अपने घरों और आस-पास पानी जमा न होने दें। कूलर और टंकियों की समय-समय पर सफाई करें और खुले बर्तनों में पानी एकत्र न करें। जहां भी लार्वा मिल रहा है, वहां नोटिस भेजे जा रहे हैं और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।