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Diabetes and Sleep Relation:  कम सोना बन न जाए हानिकारक, जानें मधुमेह और नींद का आपस में गहरा संबंध 

BY: • LAST UPDATED : November 25, 2024
Inkhabar Haryana, Diabetes and Sleep Relation: मधुमेह एक ऐसी बीमारी बन गई है जो आजकल हर उम्र के लोगों को अपनी चपेट में ले रही है। खास तौर पर शहरी इलाकों में रहने वाले 30 साल से ज़्यादा उम्र के लोग इससे तेज़ी से प्रभावित हो रहे हैं। इसका मुख्य कारण गलत खान-पान, बिगड़ी हुई जीवनशैली और मानसिक तनाव है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नींद की कमी भी मधुमेह का एक बड़ा कारण हो सकती है। अगर आप रोज़ाना 6 घंटे से कम सोते हैं, तो मधुमेह का ख़तरा कई गुना बढ़ सकता है। इस लेख में हम जानेंगे कि नींद का मधुमेह से क्या संबंध है और इसे कैसे ठीक किया जा सकता है।

मधुमेह के प्रकार और कारण

मधुमेह तब होता है जब शरीर में सही मात्रा में इंसुलिन नहीं बनता और ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। यह बीमारी मुख्य रूप से दो तरह की होती है:

टाइप-1 मधुमेह: यह आनुवंशिक कारणों से होता है, जिसमें शरीर इंसुलिन का उत्पादन करने में असमर्थ होता है।

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टाइप-2 मधुमेह: यह आमतौर पर खराब खान-पान, बिगड़ी हुई जीवनशैली और मोटापे के कारण होता है। पिछले कुछ सालों में टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है और इसकी एक बड़ी वजह नींद की कमी मानी जा रही है।

नींद और डायबिटीज के बीच संबंध

जानकारी के मुताबिक, 6 घंटे से कम सोने वाले लोगों में डायबिटीज का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। नींद और डायबिटीज के बीच गहरा संबंध है। जब व्यक्ति पर्याप्त नींद नहीं लेता है, तो शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध विकसित होता है, जिससे रक्त में शुगर का स्तर बढ़ जाता है। इसके अलावा नींद की कमी से शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन का स्तर भी बढ़ जाता है, जिसका सीधा असर ब्लड शुगर पर पड़ता है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो यह डायबिटीज का कारण बन सकती है।

इन लोगों को ज्यादा खतरा

बता दें कि, जिन लोगों के परिवार में डायबिटीज का इतिहास रहा है, जिनका वजन ज्यादा है और जिनका खान-पान सही नहीं है, उन्हें डायबिटीज का खतरा ज्यादा होता है। मोटापा भी डायबिटीज का एक अहम कारण है। एक शोध से पता चलता है कि बॉडी मास इंडेक्स (BMI) बढ़ने से डायबिटीज़ का ख़तरा तीन गुना बढ़ जाता है। इसके अलावा जो लोग लंबे समय से ठीक से नींद नहीं ले रहे हैं, उन्हें भी डायबिटीज़ का ख़तरा ज़्यादा होता है।

अच्छी नींद के लिए टिप्स

अगर आप भी डायबिटीज़ से बचना चाहते हैं, तो आपको सही नींद लेना बहुत ज़रूरी है।

रात को सोने से 2 घंटे पहले खाना खा लें – ताकि पाचन क्रिया सही रहे और आपको रात को सोने में परेशानी न हो।

फोन या लैपटॉप का इस्तेमाल न करें – रात में इनकी स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी नींद को प्रभावित करती है।

चाय या कॉफ़ी से बचें – रात में कैफीन युक्त पदार्थों का सेवन करने से नींद में खलल पड़ सकता है।

सोने का समय तय करें – हर दिन एक ही समय पर सोने की आदत डालें।

7-8 घंटे की नींद लें – यह नींद की आदर्श अवधि है, जो आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करती है।