




InKhabar Haryana, DJ Loud Sound: छत्तीसगढ़ से हाल ही में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां डीजे की तेज आवाज के कारण एक व्यक्ति के दिमाग की नसें फट गईं और उसे ब्रेन हेमरेज हो गया। इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि डीजे की तेज आवाज केवल कानों की सुनने की क्षमता को ही प्रभावित नहीं करती, बल्कि यह दिमाग और दिल के लिए भी बेहद खतरनाक हो सकती है।
डिजे की आवाज सामान्यत: 200 से 500 डेसिबल तक होती है, जबकि इंसान केवल 80 डेसिबल तक की आवाज को ही सहन कर सकता है। इस अत्यधिक आवाज के संपर्क में आने से न केवल सुनने की क्षमता पर प्रभाव पड़ता है, बल्कि यह तनाव और हार्ट अटैक का भी कारण बन सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, लगातार तेज आवाज के संपर्क में रहने से हार्ट के मरीजों को विशेष रूप से खतरा होता है, क्योंकि यह दिल के दौरे का जोखिम बढ़ा सकती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़े भी दर्शाते हैं कि 12 से 35 साल की उम्र के एक अरब से अधिक युवा उच्च स्तर की आवाज के संपर्क में रहते हैं, जिससे उन्हें सुनने में दिक्कतें हो सकती हैं। तेज ध्वनि से कान के अलावा दिमाग भी प्रभावित हो सकता है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
इसके अतिरिक्त, बच्चों के लिए तेज आवाज और डीजे की ध्वनि विशेष रूप से हानिकारक हो सकती है। इससे न केवल बहरेपन का खतरा होता है, बल्कि बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इस प्रकार, डीजे की तेज आवाज को लेकर सतर्क रहना और इसके संपर्क से बचना अत्यंत आवश्यक है।




