




Inkhabar Haryana, HMPV first Case in India: कोविड-19 महामारी के बाद, जिसने पूरी दुनिया को प्रभावित किया, अब एक नया स्वास्थ्य खतरा उभर रहा है। चीन में तेजी से फैल रहे ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) ने भारत में भी दस्तक दे दी है। इस वायरस का पहला मामला बेंगलुरु में दर्ज किया गया, जहां 8 महीने की बच्ची में इसकी पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले की जानकारी दी है और सतर्कता बढ़ाने की सिफारिश की है।
एचएमपीवी, जिसे ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस कहा जाता है, बच्चों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्तियों में आमतौर पर पाया जाता है। यह वायरस 2001 में पहली बार पहचाना गया था, लेकिन कुछ प्रमाण बताते हैं कि यह 1958 से ही मौजूद है। एचएमपीवी के लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम से मिलते-जुलते हैं। यह खांसी, गले में खराश, नाक बहना, और गले में घरघराहट का कारण बनता है।
हालांकि, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग, छोटे बच्चे और बुजुर्ग इससे अधिक प्रभावित हो सकते हैं। गंभीर मामलों में यह संक्रमण निमोनिया, ब्रोंकियोलाइटिस और अन्य सांस संबंधी जटिलताओं का कारण बन सकता है।
एचएमपीवी के लक्षणों में शामिल हैं:
इन लक्षणों में से कई इन्फ्लूएंजा या अन्य फ्लू संक्रमणों के समान होते हैं, जिससे इस वायरस की पहचान करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
बेंगलुरु में मामले के सामने आने के बाद, दिल्ली के चिकित्सा अधिकारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और संक्रमण से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। एक बैठक में स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. वंदना बग्गा ने अस्पतालों को इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारियों (ILI) और गंभीर सांस संबंधी संक्रमण (SARI) के मामलों की रिपोर्टिंग के लिए IHIP पोर्टल का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा, अस्पतालों को ऑक्सीजन, पैरासिटामोल, एंटीहिस्टामाइन, ब्रोन्कोडायलेटर्स, और कफ सिरप जैसी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए निम्नलिखित कदम सुझाए गए हैं:
हालांकि एचएमपीवी को अब चर्चा में लाया जा रहा है, यह वायरस नया नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके प्रमाण 20वीं सदी के मध्य से मौजूद हैं। अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (CDC) के अनुसार, यह वायरस कई वर्षों से दुनिया भर में बच्चों और वयस्कों में पाया गया है।
जनता को सतर्क रहना और निम्नलिखित सावधानियां बरतनी चाहिए:
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