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Monsoon Health Tips for Kids: मानसून की मस्ती में न हो बीमारी की दस्तक, इन 5 तरीकों से रखें अपने नन्हें मुन्ने की सेहत का ख्याल

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Inkhabar Haryana, Monsoon Health Tips for Kids: जब आसमान से बूंदें गिरती हैं, धरती हरियाली की चादर ओढ़ लेती है और ठंडी-ठंडी हवाएं मन को सुकून देती हैं, तो समझिए मानसून आ चुका है। यह मौसम बच्चों के लिए बेहद रोमांचक होता है कागज़ की नावें, बारिश में भीगने की जिद और मिट्टी की सोंधी खुशबू। लेकिन, यही मौसम उनके स्वास्थ्य के लिए कई समस्याएं भी लेकर आता है। बदलता तापमान, बढ़ती नमी, और गंदगी बच्चों की इम्युनिटी पर असर डालती है और उन्हें संक्रमण, बुखार, डायरिया, डेंगू जैसी बीमारियों की चपेट में ला सकती है। ऐसे में अभिभावकों के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वे बच्चों की देखभाल में कोई कसर न छोड़ें। आइए जानते हैं कि मानसून के इस अनिश्चित मौसम में बच्चों की सेहत का कैसे रखें खास ख्याल, क्रमबद्ध तरीके से:

 

1. खानपान पर दें विशेष ध्यान

बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बड़ों की तुलना में कमजोर होती है, जो मानसून में और अधिक प्रभावित हो सकती है। ऐसे में उन्हें पोषण से भरपूर, घर का बना और गर्म खाना दें। बाहर का खाना, स्ट्रीट फूड और ज्यादा तला-भुना खाना इस मौसम में बिल्कुल न दें। फूड पॉइजनिंग से बचाने के लिए फल-सब्जियों को अच्छी तरह धोकर उपयोग करें। आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से तुलसी, अदरक, हल्दी और शहद जैसे तत्व इम्युनिटी बढ़ाने में सहायक होते हैं इन्हें नियमित आहार में शामिल करें।

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2. साफ-सफाई का रखें विशेष ध्यान

बारिश के मौसम में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से फैलते हैं। संक्रमण का खतरा बच्चों में हाथों, नाखूनों, और उनके खिलौनों से हो सकता है। बच्चों को हाथ धोने की आदत डालें खासकर खेलने के बाद, खाने से पहले और बाहर से आने के बाद। नाखून हमेशा छोटे रखें। उनके खिलौने, पानी की बोतल, टिफिन बॉक्स और स्कूल स्टेशनरी की नियमित सफाई करें। अगर बच्चा छोटा है, तो उसके आसपास की जगह को हर समय साफ और सूखा रखें।

3. स्वच्छ और सुरक्षित पानी दें

मानसून में जलजनित बीमारियां जैसे टाइफाइड, पीलिया, हैजा और डायरिया – सबसे ज्यादा होती हैं। इनका प्रमुख कारण गंदा या संक्रमित पानी होता है। बच्चों को हमेशा उबला या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिलाएं। स्कूल या ट्यूशन जाते वक्त साथ में स्वच्छ पानी की बोतल जरूर दें। बाहर का पानी या खुले में रखे पेय पदार्थ न पीने दें।

4. मच्छरों से करें सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम

बरसात के मौसम में गड्ढों, बर्तनों और छतों पर पानी जमा हो जाता है, जिससे मच्छरों की तादाद बढ़ जाती है। इससे डेंगू, मलेरिया, और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा हो सकता है। बच्चों को हल्के लेकिन फुल स्लीव कपड़े पहनाएं। सोते समय मच्छरदानी या मच्छर भगाने वाले साधनों का प्रयोग करें। घर के आसपास और छत पर पानी जमा न होने दें। मच्छर निरोधक क्रीम या स्प्रे का प्रयोग करें, लेकिन डॉक्टर की सलाह से।

5. बच्चों की प्रतिदिन की गतिविधियों पर रखें नजर

बारिश के कारण खेलने-कूदने में बाधा आती है, जिससे बच्चों की गतिविधियां सीमित हो सकती हैं। इससे उनकी सेहत और मनोदशा पर भी असर पड़ सकता है। बच्चों को घर के अंदर कुछ शारीरिक एक्टिविटी या गेम्स में व्यस्त रखें। समय पर सोना, जागना और पढ़ाई की नियमितता बनाए रखें। यदि बच्चे को बुखार, खांसी, या अन्य लक्षण नजर आएं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।