रोहतक। हरियाणा राज्य के एकमात्र हेल्थ यूनिवर्सिटी के अंतर्गत पीजीआई रोहतक में स्थापित माइक्रोबायोलॉजी विभाग में एचआईवी लैब अंतरराष्ट्रीय मानको पर सक्षम पाई गई और एनएबीएल एजेंसी से मान्यता प्राप्त करने में सफल हो गई। आज एनएबीएल एजेंसी से सर्टिफिकेट मिलने पर कुलपति डॉक्टर अनीता सक्सेना ने माइक्रोबायोलॉजी विभाग अध्यक्ष डॉक्टर अपर्णा परमार और लैब की इंचार्ज व नोडल अधिकारी डॉक्टर रितु अग्रवाल की पीठ थपथपाई। इस अवसर पर कुल सचिव डॉक्टर एचके अग्रवाल, निदेशक डॉक्टर एसएस लोहचब, डीन एकेडमी अफेयर्स डॉक्टर ध्रुव चौधरी ,चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर कुंदन मित्तल, डॉ निधि गोयल, डॉ कुनाल बंसल, डॉ पारुल, डॉ मोनिका आदि मौजूद थे।
कर्मचारियों ओर अधिकारीयों में उमंग उत्साह
कुलपति डॉ अनीता सक्सेना ने इस प्रमाण पत्र के बारे में बताया कि यह किसी व्यक्ति की किसी निश्चित क्षेत्र में योग्यता व दक्षता को ठोस सबूत के रूप मे परदर्शित करता है। यह प्रमाण पत्र कार्य की कुशलता ओर दक्षता को उच्च स्तर पर परदर्शित करने के साथ साथ सभी कर्मचारियों ओर अधिकारीयों में उमंग उत्साह भी लेकर आता है। जिससे कार्य क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। डॉ अपर्णा परमार ने बताया कि एनएबीएल की मान्यता प्राप्त करने वाली हरियाणा राज्य की यह प्रथम सरकारी एचआईवी लैब है।
लैब की इंचार्ज डॉक्टर रितु अग्रवाल ने बताया कि उनका स्टाफ उनके साथ पिछले 1 साल से यह मान्यता लेने के लिए मेहनत कर रहे थे जिसमें जांच टीम द्वारा प्रयोगशाला की प्रबंधन प्रणाली, तकनीकी प्रदर्शन और दक्षता प्रशिक्षण में भागीदारी का मूल्यांकन करते हुए गत दिनों यह प्रक्रिया पूरी की और लैब को एनएबील की मान्यता प्रदान की।
एनएबीएल की टीम द्वारा प्रयोगशाला का किया गया मूल्यांकन
उन्होंने बताया कि एनएबीएल की टीम द्वारा प्रयोगशाला का ऑनसाइट मूल्यांकन किया गया इसके अंतर्गत सभी प्रकार की सुविधा ,उपकरणों, कर्मियों व प्रशिक्षण प्रक्रियाओं का दो दिन तक मूल्यांकन किया गया उसके आधार पर एनएबी एल आकलनकर्ताओं द्वारा रिपोर्ट एनएबीएल एजेंसी को प्रस्तुत की गई। एनएबीएल मान्यता प्राप्त करने का अर्थ है कि यह लैब अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को पूरा करती है और सटीक एवं विश्वसनीय एवं उत्तम गुणवत्ता वाले परीक्षण परिणाम प्रदान करने में सक्षम है। इस मान्यता के मिलने से लैब द्वारा सही रूप से कैलिब्रेटेड परीक्षण से वास्तविक रिपोर्ट का आश्वासन मिलेगा, परीक्षण करने वाले कर्मियों में विश्वास बढ़ेगा।
उन्होंने बताया कि इसके साथ ही इसका लाभ लैब में जांच करने वाले मरीज और एआरटी सेंटर में पंजीकृत मरीजों को विशेष रूप से प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त एचआईवी लैब एसआरएल द्वारा हरियाणा राज्य में स्थापित 104 आईसीटीसी का बाहय गुणवत्ता आश्वासन कार्य का कार्य भी किया जाता है जोकी एनएबीएल द्वारा मान्यता प्राप्त हो गई है।